
@महिला स्वयं सहायता समूह से ग्रामीण सशक्तिकरण संभव : डाॅ मयंक मुरारी

Arjun Kumar Pramanik………✍️
नामकुम(रांची) । स्वयं सहायता समूह के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को स्थायी आय सृजन से जोड़ना संभव है। ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि, हस्तशिल्प, सेवाओं आदि क्षेत्र में प्रशिक्षण को बढ़ावा देेकर ग्रामीण महिलाएं आर्थिक आत्मनिर्भरता का राह बढ़ सकती है। उक्त बातें उषा मार्टिन फाॅउंडेशन के हेड डाॅ मयंक मुरारी ने कही। वे आज उषा मार्टिन सभागार में नामकोम और अनगड़ा प्रखंड से आयीं महिला समूहों को “स्वयं सहायता समूह का संचालन एवं उद्यमिता“ विषय पर आयोजित प्रशिक्षण में विचार व्यक्त कर रहे थे। डाॅ मयंक मुरारी ने कहा कि स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) झारखंड के कई हिस्सों में, खासकर आर्थिक रूप से पिछड़े इलाकों में, समुदायों के भीतर से आर्थिक परिवर्तन के वाहक बन गए हैं। ये समूह सशक्तिकरण के लिए अद्भुत उत्प्रेरक हैं और अपने सदस्यों के जीवन में महत्वपूर्ण बदलाव लाते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में विकास प्रक्रिया में स्वयं सहायता समूहों का महत्व बहुत है। इस अवसर पर प्रशिक्षक अंजली कुमारी ने कहा कि महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए लाह उत्पादन, जूट एवं बांस के उद्यम का प्रशिक्षण करना चाहिए। इसके साथ उनको सरकारी योजनाओं का लाभ मिले इसके लिए प्रयास करना होगा। सबसे पहले महिलाओं को संगठन सशक्त बनाना, इसका सावधिक बैठक आयोजित करना और सामाजिक विषयांे पर चर्चा करनी होगी। इससे सहायता समूह जीवंत और गतिशील हो सकेगा। इस अवसर पर सुरेंद्र ठाकुर ने बताया कि गांवों की महिलाओं वन एवं जंगल के उत्पाद आधारित प्रशिक्षण से जोडने की जरूरत है जिससे कच्चे माल की दिक्कत नहीं हो। उषा मार्टिन फाॅउंडेशन की संगीता कुमारी ने बताया कि कंपनी के माध्यम से तीन स्वयं सहायता समूह चलाया जा रहा जो सोहराई, जूट उत्पाद और बांस की सामग्री बनाकर उद्यमिता की दिशा में पहल की है। इसको सुदूर गांवों में बढ़ाया जा रहा है। मोनीत बूतकुमार ने कहा कि ग्रामीण महिलाओं में रोजगार-स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए जीविका के माध्यम से उन्हें बैंक लिंकेज के माध्यम से कम ब्याज दर पर सुगमता से ऋण उपलब्ध करवाया जा सकता है। इस अवसर पर कई समूह की महिलाएं उपस्थित थीं। पूजा देवी, दीपमाला देवी, शिखा देवी, शोभ देवी, अंजनी देवी, नीतू देवी, प्रियंका कुमारी, कांति कुजूर, सोनी देवी, नीलू तांब, सुमित्रा देवी, गीता देवी आदि उपस्थित थीं।

