खादी को बढ़ावा देने के लिए महात्मा गांधी खादी के कपड़ों पर विशेष छूट।
खादी के कपड़ों में मिलेगी 20 से 25 फीसदी की छूट…
सरायकेला: संजय मिश्रा: राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के मौके झारखंड राज्य खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड अपने कपड़ों पर भारी छूट दे रहा है. इसका सभी को इंतजार रहता है. गांधी जयंती पर खादी इंपोरियम में खादी के कपड़ों पर 20 से 25 फीसदी तक की विशेष छूट मिलेगी. कपड़ों पर खादी बोर्ड की ओर से विशेष छूट की घोषणा की गयी है. रेडिमेड गार्मेंट, सिल्क, बंडी, शर्ट आदि पर 25 फीसदी एवं रेशमी साड़ी, सूती थान, पॉली वस्त्र, कंबल, ऊंची चादर, लुंगी, गमछा, चादर आदि में 20 फीसदी की छूट मिलेगी. खरसावां खादी पार्क के प्रभारी मनोज शर्मा ने बताया कि खादी बोर्ड के आउट लेट में 23 सौ से लेकर 14 हजार तक के सिल्क के साढ़ी उपलब्ध है. पहली बार महिलाओं के लिए रेशमी बंडी आई है. यह काफी पसंद की जा रही है. इस पर भी 25 प्रतिशत छूट दी जा रही है. इसके अलावा तसर सिल्क, मोदी बंडी, मोदी कुर्ता, शर्ट आदि का नया रेंज भी है.
हमेशा फैशन ट्रेंड में रहता है खादी; बाजार की मांग के अनुसार बनते हैं कपड़े:-
मनोज शर्मा बताते हैं कि खादी में तरह-तरह के डिज़ाइनर कपड़ों की भरमार है, जिसे हर वर्ग के लोग पसंद कर रहे हैं। इसका क्रेज अब युवाओं में भी देखा जा रहा है। खादी के कपड़ों के लेटेस्ट डिजाइन में शर्ट, कुर्ता, लॉन्ग कुर्ती, प्लाजो, एंकर लेंथ पैंट, लेडीज बंडी की काफी मांग है। साड़ी की बात करें तो खादी सिल्क में कई वैरायटी उपलब्ध है। कहा जाता है कि खादी हमेशा फैशन ट्रेंड में रहता है। बाजार में मांग के आधार पर कपड़ों का डिजाइनिंग किया जाता है।
खरसावां, कुचाई एवं चांडिल में तैयार होते हैं खादी के कपड़े
खरसावां के आमदा स्थित खादी पार्क तथा चांडिल एवं कुचाई स्थित उत्पादन केंद्रों में कटिया सिल्क के कपड़े तैयार होते हैं। यहां खादी के सूती कपड़ों से लेकर सिल्क के कपड़ों की बुनाई होती है। साथ ही डिजाइनिंग और फैब्रिक का काम बाहर में होता है। देवघर के भगैया से लेकर देश के दूसरे प्रांतों में भी खादी के कपड़े तैयार होते हैं। यह कपड़े भी झारखंड राज्य खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के आउटलेट में उपलब्ध हैं। बंडी, तसर सिल्क साड़ी, कुर्ता-पायजामा, महिला कुर्ती, स्टॉल, सूट सेट, डोकरा उत्पाद एवं टेराकोटा उत्पाद आदि खादी के विशिष्ट उत्पाद हैं।
