
श्री श्री पब्लिक दुर्गा पूजा समिति का हुआ पुनर्गठन; राजा प्रताप आदित्य सिंहदेव सर्वसम्मति से पुनः बने अध्यक्ष।
यहां तांत्रिक मत से होती है मां दुर्गा की शक्ति आराधना; तंत्र मंत्र से खुश होती है मां…
सरायकेला (संजय मिश्रा)। सरायकेला में शक्ति स्वरूपा मां दुर्गा के आराधना का इतिहास प्राचीन रहा है। वही प्राचीनतम दुर्गा पूजा समिति श्री श्री पब्लिक दुर्गा पूजा समिति द्वारा मां दुर्गा के वार्षिक पूजन उत्सव का इतिहास तकरीबन 348 साल पुराना बताया जाता है। सरायकेला रजवाड़े के जमाने से ही पूर्व से राजमहल परिसर में हो रही मां दुर्गा की वार्षिक पूजन उत्सव को लेकर तत्कालीन शासक राजा अर्जुन सिंह ने अपनी प्रजा के लिए दुर्गा पूजा के सार्वजनिक आयोजन की व्यवस्था की थी। जिसे लेकर वर्ष 1676 में समिति का गठन कर मां दुर्गा के वार्षिक पूजन उत्सव का शुभारंभ राजा अर्जुन सिंह द्वारा करवाया गया था।


राजमहल परिसर से बाहर आम जनता के लिए किए जाने वाले इस पूजन में जनता की सहयोग से पूजन कार्यक्रम की विशेष व्यवस्था की जाती थी। तब से लेकर आज तक श्री श्री पब्लिक दुर्गा पूजा समिति के अध्यक्ष सरायकेला राजघराने के राजा होते हैं। परंतु आमजन की सहभागिता के कारण ही कमेटी का नाम पब्लिक दुर्गा पूजा कमेटी रखा गया है। प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी राजमहल के समीप स्थित भव्य दुर्गा मंडप में मां दुर्गा के वार्षिक पूजन उत्सव तैयारी की जा रही है। इसे लेकर राजाबाड़ी सरायकेला में श्री श्री पब्लिक दुर्गा पूजा समिति की बैठक राजा प्रताप आदित्य सिंहदेव की अध्यक्षता में आयोजित की गई।
बैठक की शुरुआत करते हुए समिति के कोषाध्यक्ष सुमन धीर सामंत उर्फ पप्पू द्वारा बीते वर्ष का आय-ब्यौरा प्रस्तुत किया गया। जिसके बाद सर्वसम्मति से पूर्व कमेटी का पुनर्गठन किया गया। जिसमें राजा प्रताप आदित्य सिंहदेव को सर्वसम्मति से समिति का अध्यक्ष, गोलक बिहारी पति एवं श्रीधर सिंहदेव को उपाध्यक्ष, भोला महांती को सचिव, पवन कवि एवं देवराज सिंहदेव को सहसचिव, सुमन धीर सामंत उर्फ पप्पू को कोषाध्यक्ष, शंभू पटनायक एवं पापुन रथ कोसा कोषाध्यक्ष तथा रूपेश साहू को सांस्कृतिक सचिव मनोनीत किया गया।
बैठक में सर्वसम्मति से सभी धार्मिक संस्कारों के साथ धूमधाम से मां दुर्गा के वार्षिक पूजा करने का निर्णय लिया गया। जिसके लिए मुख्य पुजारी के तौर पर नीलकंठ सारंगी, मूर्तिकार के लिए भूतनाथ जेना तथा राज ज्योतिषी तपन कुमार त्रिपाठी को बनाए रखने का निर्णय लिया गया। इस अवसर पर रानी अरुणिमा सिंहदेव, नीलकंठ सारंगी, संजीव पति, तपन कुमार त्रिपाठी, शुभम दास, रूपेश साहू, शंभू पटनायक, रामनाथ सारंगी, पवन कवि एवं देवराज सिंहदेव सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
यहां तंत्र-मंत्र से खुश होती है मां दुर्गा:-
श्री श्री पब्लिक दुर्गा पूजा समिति द्वारा तांत्रिक मतानुसार मां दुर्गा की वार्षिक पूजन उत्सव का आयोजन किया जाता है। जहां महाष्टमी और महानवमी के मध्य रात्रि संधी पूजा पर महामेरू बलिदान के अलावा महासप्तमी की पूजा बात से ही माता की प्रसन्नता के लिए बलि प्रथा का प्रचलन रहा है। इस अवसर पर साधकों द्वारा साधना भी की जाती है।

