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सालमपाथर में मानवता की मिसाल: रक्तदान शिविर में 150 यूनिट रक्त संग्रह, पहली बार दो आदिवासी महिलाओं ने किया रक्तदान

रिर्पोटर : जगबंधु महतो

रक्तदान के जरिए जीवन बचाने का संदेश, सालमपाथर शिविर में महिलाओं की भागीदारी बनी आकर्षण का केंद्र

गम्हरिया : सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया प्रखंड अंतर्गत सालमपाथर नव प्राथमिक विद्यालय में रविवार को आयोजित रक्तदान शिविर में रक्तदाताओं ने उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई। आदिम जुवान जुमीद गावंता गम्हरिया की ओर से आयोजित इस चौथे रक्तदान शिविर में 150 यूनिट रक्त संग्रह का लक्ष्य पूरा किया गया। शिविर की विशेष उपलब्धि रही कि आदिवासी समाज की दो महिलाओं ने पहली बार स्वैच्छिक रक्तदान कर समाज के सामने प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया।

नई जिंदगी परिवार और जमशेदपुर ब्लड सेंटर के सहयोग से आयोजित शिविर में रक्तदाताओं को प्रोत्साहित करने के साथ ही लोगों को रक्तदान के महत्व के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि झामुमो के केंद्रीय सदस्य कृष्णा बास्के ने रक्तदाताओं के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि रक्तदान मानवता की सेवा का ऐसा माध्यम है, जिससे जरूरत के समय किसी मरीज की जान बचाने में मदद मिल सकती है। उन्होंने आयोजकों को निर्धारित लक्ष्य हासिल करने पर बधाई देते हुए कहा कि इस तरह के आयोजनों से समाज में स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ती है।

सम्मानित अतिथि एवं सांसद प्रतिनिधि प्रो. केपी सोरेन ने युवाओं से रक्तदान अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि रक्तदान के प्रति जागरूकता फैलाना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। पहली बार दो आदिवासी महिलाओं का रक्तदान करना भी महत्वपूर्ण पहल है, जिससे अन्य महिलाएं प्रेरणा ले सकती हैं।

शिविर में झामुमो गम्हरिया प्रखंड अध्यक्ष भोमरा माझी, समाजसेवी अविनाश सोरेन, प्रधानमंत्री कृषि कर्मण पुरस्कार से सम्मानित सोखेन हेम्ब्रम, झारखंड छात्र मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष होपना बेसरा, मुख्य संरक्षक सीताराम हेम्ब्रम, सह संरक्षक सुधीर किस्क, बुरुडीह की मुखिया संगीता कुमारी, गौरीशंकर टुडू, शंकर टुडू और विरधान बास्के सहित कई लोग उपस्थित थे।

आयोजकों ने शिविर को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी रक्तदाताओं, अतिथियों और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

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