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चांडिल : संदर्भ ~ बलभद्र गोराई, सत्ता परिवर्तन होता रहा पर व्यवस्था नहीं…
दीपक नाग… ✍️
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ईचागढ़ अन्तर्गत बुरुहातु के बलभद्र गोराई का कहना है, उसने 2006 बर्ष से ग्राम प्रधान के रूप से सेवा प्रदान किया पर एक वर्षों से अंचल कार्यालय से उनका नाम ग्राम प्रधान की पद से हटा दिया है । उच्च न्यायालय के शरण में जाने के लिए है बाध्य । वर्षो से मानदेय नहीं मिलने की बात कही ।

बलभद्रा गोराई की घटना तो केवल एक उदाहरण है स्मिथ और समाचार के लिए। न जाने ऐसे कितने गुमनामी किस्से होंगे जो नजरों के सामने आ ही नहीं सका और नाइंसाफी की मोटी परत गुमनामी के अंधेरे में धकेल दिये होंगे।
जाहिर है, समय-समय पर सत्ता का तो परिवर्तन होता रहा पर व्यवस्था में परिवर्तन किसी भी राजनीतिक दल करवा न सका ।
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