
बाल विवाह के खिलाफ युवा की प्रखंड स्तरीय कार्यशाला।
बाल विवाह मुक्त पंचायत बनाने का संकल्प।

जमशेदपुर/ पोटका अभिजीत सेन
सामाजिक संस्था युवा (यूथ फॉर यूनिटी एंड वॉलंटरी एक्शन) के संयुक्त तत्वावधान तथा गर्ल्स फर्स्ट फंड के सहयोग से इम्पीरियल रिसोर्ट, तेंतला में बाल विवाह एवं जबरन विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों की रोकथाम को लेकर एक प्रखंड स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में पोटका प्रखंड के विभिन्न गांवों से आए पंचायत प्रतिनिधि, ग्राम प्रधान, आंगनबाड़ी सेविकाएं, स्वास्थ्य सहियाएं, डालसा से पी.एल.बी एवं अन्य समुदाय प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य पंचायत स्तर पर बाल विवाह की रोकथाम में जनप्रतिनिधियों की भूमिका एवं जिम्मेदारियों को सुदृढ़ करना तथा समुदाय आधारित प्रभावी रणनीतियों को विकसित करना था।
कार्यक्रम की शुरुआत युवा संस्था की प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर चंदमनी सेवैया ने स्वागत संबोधन के साथ की, जबकि कार्यक्रम का संचालन अंजना देवगम ने किया।
कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों के साथ बाल विवाह एवं जबरन विवाह की अवधारणा, इसके कारणों तथा समाज पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों पर विस्तृत चर्चा की गई। प्रश्नोत्तरी एवं अनुभव साझा करने की गतिविधियों के माध्यम से प्रतिभागियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में बाल विवाह से जुड़ी चुनौतियों और अनुभवों को साझा किया।
“बाल विवाह की जड़ पहचानें” विषय पर आयोजित समूह गतिविधि में प्रतिभागियों ने बाल विवाह के सामाजिक, आर्थिक एवं सांस्कृतिक कारणों की पहचान की तथा इसके समाधान हेतु स्थानीय स्तर पर किए जा सकने वाले प्रयासों पर विचार-विमर्श किया।
कार्यशाला में पंचायत प्रतिनिधियों एवं ग्राम प्रधानों की जिम्मेदारियों पर विशेष जोर दिया गया। “मेरा गांव मेरी जिम्मेदारी” गतिविधि के माध्यम से प्रतिभागियों ने पंचायत स्तर पर निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने, जागरूकता अभियान चलाने तथा सामुदायिक सहभागिता बढ़ाने के लिए कार्ययोजनाएं तैयार कीं।
इस अवसर पर “बाल विवाह मुक्त पंचायत योजना” के तहत जागरूकता अभियान, समुदाय की सक्रिय भागीदारी, निगरानी तंत्र को सशक्त बनाने तथा विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम के दौरान पेसा अधिनियम, 1996 एवं पेसा नियमावली के अंतर्गत ग्राम सभा की भूमिका, स्थानीय स्तर पर निर्णय लेने की प्रक्रिया तथा ग्राम सभाओं में बाल विवाह से संबंधित मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने की आवश्यकता पर भी जानकारी साझा की गई।
कार्यशाला को सफल बनाने में युवा संस्था के कार्यकर्ता अवंती, रीला,चंदमनी, अंजना, चंद्रकला, कापरा, सिकंदर एवं अरूप की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

