
आदिवासी बचाओ जन आक्रोश महारैली में उमड़ा जनसैलाब — हाता चौक से हजारों आदिवासी पारंपरिक वेशभूषा में हुए रवाना

संवाददाता : अभिजीत सेन
जमशेदपुर । आदिवासी बचाओ संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर गुरुवार को आयोजित “आदिवासी बचाओ जन आक्रोश महारैली” में शामिल होने के लिए पोटका प्रखंड क्षेत्र के हाता बिरसा चौक से भारी संख्या में आदिवासी समुदाय के महिला और पुरुष जमशेदपुर के लिए रवाना हुए। सुबह से ही विभिन्न गांवों से लोग पारंपरिक नृत्य-संगीत और वेशभूषा में हाता पहुंचे। वहां स्थित भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद लोगों ने “आदिवासी एकता जिंदाबाद”, “हमारा हक हमें दो” जैसे नारे लगाते हुए रैली के लिए प्रस्थान किया। मौके पर मोर्चा के नेता महीन सरदार और सुनीता सरदार ने कहा “हमारे हक-अधिकार, इतिहास और संस्कृति के साथ लगातार छेड़छाड़ की जा रही है। गैर-आदिवासियों द्वारा हमारी परंपराओं में दखल देने का प्रयास हो रहा है। अब हम चुप नहीं रहेंगे — एकजुट होकर अपने अस्तित्व की रक्षा करेंगे।” बैठक और रैली में प्रमुख रूप से पंसस रघुनाथ सरदार, महावीर सरदार, धिरेन सरदार, ग्राम प्रधान भीमसेन सरदार, भुगनू सरदार, हिमांशु सरदार, रमानाथ सरदार, मधु सरदार, बलदेव सरदार, नंदलाल सरदार, श्रीकांत सरदार, जयपाल मुंडा, मानिक सरदार, सुभाष सरदार, गोपेन सरदार, सुधीर सरदार, श्यामल सरदार, रीता सरदार, सेवती सरदार, अंजलि सरदार, सरस्वती सरदार सहित अनेक ग्रामीण उपस्थित रहे।

