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महिलाओं की प्रगति से गांवों में आएगी खुशहाली : श्रेया झवर

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Arjun Kumar Pramanik…..✍️

नामकुम(राँची)  ।  ग्रामीण महिलाएं अपने हौसले, उत्साह और लगातार प्रयास से विभिन्न क्षेत्रों में सफलता के नए मानदंड स्थापित कर रही हैं। इसी कड़ी में उषा मार्टिन फाउंडेशन की ओर से अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर गांवों में परिवर्तन लाने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया। सम्मानित महिलाओं ने कृषि विकास, उद्यमिता, शिक्षा, स्वास्थ्य सहित कई क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देकर न केवल समाज को प्रेरित किया है बल्कि आजीविका के नए अवसर भी पैदा किए हैं। कार्यक्रम में उषा मार्टिन के डायरेक्टर (ग्रोथ एंड स्ट्रेटजी) श्रेया झवर ने कहा कि उषा मार्टिन फाउंडेशन के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं की प्रगति के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब महिलाएं कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य और उद्यमिता जैसे क्षेत्रों में आगे बढ़ती हैं तो समाज के विकास की गति तेज होती है। परिवार की प्रगति से गांव में खुशहाली आती है और इससे पूरे समाज का विकास संभव होता है। उषा मार्टिन के एचआर हेड एन.एन. झा ने कहा कि गांवों के विकास में महिलाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि महिलाओं को सिलाई-कढ़ाई, ब्यूटिशियन, कंप्यूटर प्रशिक्षण, मशरूम उत्पादन और हस्तशिल्प निर्माण जैसे प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। उषा मार्टिन फाउंडेशन के हेड डॉ. मयंक मुरारी ने कहा कि ग्रामीण विकास कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाओं की सहभागिता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। जनकल्याण से जुड़े विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों के जरिए ग्रामीणों को स्वरोजगार से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में 210 से अधिक लोगों को प्रशिक्षण देकर स्वरोजगार और उद्यमिता से जोड़ा गया है। इस अवसर पर जिला परिषद सदस्य अनुराधा मुंडा ने कहा कि उषा मार्टिन के प्रशिक्षण कार्यक्रमों के कारण ग्रामीण महिलाएं तेजी से आत्मनिर्भर बन रही हैं और गांवों के आर्थिक विकास में योगदान दे रही हैं। कार्यक्रम में उषा मार्टिन के प्रबंधक रोहिणी घोष, स्नेहा, प्रिया बागची, वरुण कुमार, मेवालाल महतो, मोनीत बूतकुमार, संगीता कुमारी, भुनेश्वर महतो सहित कई लोग उपस्थित थे।
कृषि कार्य में महिलौंग की चिंतामणि देवी, बेरवाड़ी की सीमा देवी, ब्यूटिशियन में अनगड़ा की सुनीता देवी, सिलाई में आरा की माधुरी कुमारी, मशरूम उत्पादन में हेसल की फुलमनी देवी, व्यवसाय में आरा की प्रेमिका कुजूर, हरातू की पूनम देवी, हरातू की मुन्नी कुमारी मुंडा, सोहराई कला में हरातू की तारा देवी, शिक्षा में सासनबेड़ा की आशापति देवी, हाहे की दिव्यांग लीला कुमारी, तुरूप की दिव्यांग ललिता देवी, मशरूम उत्पादन में टाटी की खुशबू कुमारी तथा स्वास्थ्य क्षेत्र में चतरा की सदुम देवी को सम्मानित किया गया।