















घाटशिला : जातिसूचक टिप्पणी के आरोप को मो. जावेद ने बताया झूठा और ग़लत बताया
पिछले दिनों हुए एक कथित रुप से मोहम्मद जावेद और घाटशिला अंचल निरीक्षक (सीआई) के बीच कि विवाद सामने आया है। इस मामले में घाटशिला अंचल निरीक्षक (सीआई) के द्वारा भारतीय वायुसेना के एक्स वारंट ऑफिसर एवं शौर्य चक्र से सम्मानित मो. जावेद पर जातिसूचक शब्दों के प्रयोग और मारपीट का आरोप लगाया गया है।












इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए मो. जावेद ने इसे पूरी तरह झूठा और निराधार कहा है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच किसी स्वतंत्र केंद्रीय एजेंसी से कराने की मांग की है। मो. जावेद ने कहा कि इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि जिस सीआई का नाम तक उन्हें मालूम नहीं है, उनके खिलाफ जातिसूचक टिप्पणी करने का आरोप कैसे लगाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि घाटशिला अंचल निरीक्षक का नाम तक उन्हें ज्ञात नहीं है और यही कारण है कि पुलिस को दी गई अपनी शिकायत में भी उन्होंने सीआई का नाम नहीं लिखा है। ऐसे में उनके खिलाफ जातिसूचक एवं अपमानजनक टिप्पणी करने का आरोप पूरी तरह बेबुनियाद है। उन्होंने कहा कि अपने जीवन के महत्वपूर्ण वर्ष भारतीय वायुसेना में देश की सेवा करते हुए बिताए हैं। देश के प्रति उनकी सेवा और वीरता के लिए भारत सरकार ने उन्हें शौर्य चक्र जैसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय वीरता सम्मान से सम्मानित किया है। उन्होंने सवाल उठाया कि वर्षों तक सेना के अनुशासन और देशसेवा में जीवन बिताने वाला व्यक्ति किसी के साथ जातिसूचक टिप्पणी या मारपीट जैसा व्यवहार क्यों करेगा। मो. जावेद ने आरोप लगाया कि शिकायत करने के बावजूद जिस व्यवस्था से उन्हें न्याय की उम्मीद है, उसी व्यवस्था में बार-बार उनके खिलाफ ही रिपोर्ट तैयार करने की बातें सुनी जा रही है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति सचिवालय, प्रधानमंत्री कार्यालय, सीपीग्राम पोर्टल, राज्यपाल, मुख्यमंत्री, कोल्हान आयुक्त, पूर्वी सिंहभूम उपायुक्त और एसएसपी तक शिकायत करने के बावजूद अंततः रिपोर्ट उन्हीं अधिकारियों या व्यवस्था से संबंधित लोगों द्वारा तैयार की जाती है, जिनके खिलाफ उन्होंने शिकायत की है। उन्होंने इस बात पर चिंता जाहिर की है। उन्होंने कहा, किसी स्वतंत्र केंद्रीय एजेंसी से जांच होने पर ही न्याय की उम्मीद है।

उन्होंने कहा कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला तो वह अपने साथी पूर्व सैनिकों के साथ राज्यपाल से मुलाकात करेंगे। जरूरत पड़ने पर वह अपना शौर्य चक्र वापस करने और झारखंड छोड़ने जैसे कठोर कदम उठाने के लिए भी मजबूर हो सकते हैं।
शनिवार को पूर्व सैनिक-अर्द्धसैनिक संगठन घाटशिला के संख्या में सदस्य और क्षेत्र के अन्य नागरिक अनुमंडल कार्यालय पहुंचे। प्रतिनिधिमंडल घाटशिला एसडीओ से मुलाकात कर पूरे मामले में हस्तक्षेप और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग करने पहुंचे थें। एसडीओ के कार्यालय में अनुपस्थित रहने के कारण प्रतिनिधिमंडल ने विभागीय कर्मी को मांगपत्र सौंपा।
मांगपत्र के माध्यम से मो. जावेद के खिलाफ लगाए गए कथित झूठे आरोपों को तत्काल हटाने तथा मामले में दोषी लोगों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की गई।
प्रतिनिधिमंडल में क्षेत्र के बुद्धिजीवी, सामाजिक रूप से सम्मानित नागरिक और सेना मेडल से सम्मानित पूर्व सैनिक भी शामिल थे। संगठन के सदस्यों ने कहा कि देश की सेवा कर चुके सैनिक और राष्ट्रीय वीरता पदक से सम्मानित व्यक्ति के सम्मान और मर्यादा की रक्षा होनी चाहिए।
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