
एबीवीपी ने सिद्धो-कान्हू, चाँद-भैरव एवं फूलो-झानो को नमन कर मनाया हूल दिवस


हूल दिवस केवल एक स्मृति दिवस नहीं, बल्कि अपने गौरवशाली इतिहास और बलिदान की परंपरा को याद करने का अवसर है – डॉ वीरेंद्र चंद्र गौरी
दुमका ब्यूरो रिपोर्ट, मौसम गुप्ता
हूल दिवस के अवसर पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद दुमका नगर इकाई द्वारा मंगलवार को सिदो कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय परिसर में महान क्रांतिकारी वीर सिद्धू-कान्हू, चाँद-भैरव एवं वीरांगना फूलो-झानो की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम में उपस्थित कार्यकर्ताओं ने पुष्प अर्पित कर हूल क्रांति के अमर बलिदानियों के संघर्ष, साहस एवं राष्ट्रभक्ति को स्मरण किया।
प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य अमन शाह ने श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए कहा कि वर्ष 1855 का संताल हूल भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय है। सिद्धू-कान्हू, चाँद-भैरव एवं फूलो-झानो ने अंग्रेजी शासन तथा शोषणकारी व्यवस्था के विरुद्ध संघर्ष कर समाज को स्वाभिमान और अधिकारों के लिए लड़ने की प्रेरणा दी। उनका बलिदान आज भी देश के युवाओं को राष्ट्रहित में कार्य करने की प्रेरणा देता है।
एबीवीपी दुमका नगर अध्यक्ष डॉ. वीरेंद्र चंद्र गौरी ने कहा कि हूल दिवस केवल एक स्मृति दिवस नहीं, बल्कि अपने गौरवशाली इतिहास और बलिदान की परंपरा को याद करने का अवसर है। सिद्धू-कान्हू, चाँद-भैरव एवं फूलो-झानो का संघर्ष हमें अन्याय के विरुद्ध आवाज़ उठाने तथा समाज और राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने की प्रेरणा देता है। विद्यार्थी परिषद सदैव युवाओं में राष्ट्रभक्ति, सामाजिक समरसता और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का कार्य करती रहेगी।
एबीवीपी नगर एसएफएस संयोजक अनूप दत्त ने कहा कि हूल क्रांति केवल संताल समाज की नहीं, बल्कि पूरे भारत की गौरवगाथा है। आज आवश्यकता है कि युवा अपने इतिहास, संस्कृति और महापुरुषों के आदर्शों को आत्मसात करें। एबीवीपी राष्ट्रवादी विचारों के साथ विद्यार्थियों को संगठित कर समाज एवं राष्ट्र निर्माण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। हूल के अमर बलिदानियों का त्याग सदैव हमें राष्ट्रहित में समर्पित होकर कार्य करने की प्रेरणा देता रहेगा।
कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं ने हूल क्रांति के अमर शहीदों के सम्मान में नारे लगाए तथा उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। इस अवसर पर दुमका एवं साहिबगंज विभाग संगठन मंत्री हिमांशु दुबे, नगर उपाध्यक्ष डॉ. जितेंद्र झा, नगर अध्यक्ष डॉ. वीरेंद्र चंद्र गौरी, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य अमन शाह, एसएफएस नगर संयोजक अनूप दत्त, नारायण ठाकुर, कृष्ण गुप्ता, अजय कुमार, सुमित कुमार सहित नगर एवं महाविद्यालय इकाई के पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित थे।

