
डालसा की काउंसलिंग से संभव हुआ मानसिक रोगी मृतिका का सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार

Arjun Kumar Pramanik…….✍️
रांची । झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के दिशा-निर्देश पर, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, रांची के मार्गदर्शन में डालसा सचिव राकेश रौशन एवं पीएलवी भारती शाहदेव की पहल पर परिवार द्वारा छोड़ी गई एक मानसिक रोगी महिला के शव का हरमू मुक्तिधाम में सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार कराया गया।
उक्त महिला वर्ष 1997 से मानसिक रूप से बीमार थी और रिनपास में भर्ती थी। पीएलवी भारती शाहदेव द्वारा दूरभाष से मामले की सूचना डालसा सचिव को दी गई। सूचना मिलते ही त्वरित कार्रवाई करते हुए डालसा सचिव रिनपास पहुंचे और रिनपास प्रशासन से मामले की जानकारी ली।
जांच के क्रम में यह तथ्य सामने आया कि मृतिका के पति कई वर्ष पूर्व उन्हें रिनपास में भर्ती कराकर चले गए थे और फिर कभी मिलने नहीं आए। बाद में मृतिका का बेटा अपनी पत्नी के साथ रिनपास आया। उस समय मृतिका पूरी तरह स्वस्थ थी। बेटे ने मां के साथ घंटों समय बिताया, कुछ दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराए और यह कहकर गया कि अगले दिन आकर मां को अपने साथ ले जाएगा। अगले दिन मृतिका पूरे दिन अपना सामान बांधकर बेटे की प्रतीक्षा करती रही, लेकिन बेटा नहीं आया। इस घटना से मृतिका गहरे सदमे में चली गई, जिसके बाद उनकी मानसिक स्थिति लगातार बिगड़ती चली गई। अंततः रिनपास में उनकी मृत्यु हो गई।
मृत्यु के उपरांत रिनपास प्रशासन द्वारा परिजनों को सूचना दी गई, लेकिन परिजनों ने शव लेने से इनकार कर दिया। इसके बाद रिनपास प्रशासन ने जिला विधिक सेवा प्राधिकार, रांची को मामले की जानकारी दी। न्यायायुक्त के निर्देश पर डालसा सचिव एवं पीएलवी भारती शाहदेव द्वारा लगातार दो दिनों तक परिजनों के साथ काउंसलिंग की गई। काउंसलिंग के बाद मृतिका के चचेरे भाई रांची पहुंचे और शव को रिसीव किया। डालसा की सहायता से हरमू मुक्तिधाम में मृतिका का सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार कराया गया। डालसा सचिव ने कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकार, रांची जरूरतमंद, असहाय और गरीब वर्ग के लोगों को सहायता प्रदान करने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि नालसा के टॉल फ्री नंबर 15100 के माध्यम से अथवा सीधे जिला विधिक सेवा प्राधिकार, रांची कार्यालय या कार्यरत पीएलवी से संपर्क कर नि:शुल्क विधिक सहायता प्राप्त की जा सकती है।

