दाना तूफान: धान का कोटरा बहरागोड़ा में अचानक आफत बनकर आयी तूफान, सैकड़ों एकड़ में लगी धान की फसल बर्बाद
चाकुलिया (विश्वकर्मा सिंह) चक्रवाती तूफान दाना का प्रभाव क्षेत्र में ज्यादा होने से सबसे अधिक नुकसान किसानों को हुई है. खेतों में पकी हुई लहलहाते धान की फसल तूफान की चपेट में आने से गिरकर बर्बाद हो गई है. बहरागोड़ा विधानसभा में जन जीवन हस्त व्यस्त हो चुका है. इस दौरान प्रखंड क्षेत्र के किसान नंदन पातर, राजकिशोर सोम, अनिमेष साहू, नीरज साहू, मिहिर साहू, रतिकांत साहू, पवन पाल, राकेश माइती, राजा दास आदि ने कहा की गुरुवार रात्रि से ही तेज आंधी तूफान के साथ बारिश होने के कारण खेत में लगे धान की फसलें जमीन पर गिरकर बर्बाद हो गयी है. इस दौरान निकली हुई धान की बाली खेत में गिर जाने से दो दिन के अंदर ही सड़ जायेगी उसके बाद उस जगह से सिर्फ पुआल ही निकल पाएगा. इसके कारण किसानों में मायूसी छाई हुई है. किसानों ने बताया धान की कोटरा बहरागोड़ा में आफत बनकर अचानक आयी तूफान की चपेट में से सैकड़ों एकड़ में लगी धान फसल बर्बाद हुई है. इस साल बेहतर उत्पादन की उम्मीद लगाये धान उत्पादक किसानों में मायूसी छाई हुई है. पीड़ित किसानों ने सरकार एवं अधिकारियों से फसल क्षति का आकलन कर सरकारी मुआवजा दिलाने की मांग की है ताकि किसानों को थोड़ी राहत मिल सके.
तैयार हुए धान फसल को किसान बर्बाद होता देख हताश हैं
इस बर्ष शुरू से ही बारिश कम होने से बहरागोड़ा के किसान परेशान थे. किसानों ने बताया जब धान लगाया गया तब बारिश बिल्कुल भी नहीं होने से काफी परेशानी का सामना करना पड़ा था. इसकी चलते किसानों ने किसी तरह इधर-उधर से पंप सेट तथा नाला से पानी भरकर रुपाई किए थे. लेकिन अभी सब कुछ परेशानियों का झालने के बाद धान अच्छा उत्पादन हुआ था. लेकिन तूफान आने पर सब कुछ पानी फेर दिया है. तूफान के चलते सबसे ज्यादा नुकसान निचले इलाके में खेती पर हुई है.
क्षति की आकलन कर विभाग को भेजने के बाद मिलेगा मुआवजा : समीरण
इधर बहरागोड़ा के कृषि पदाधिकारी समीरण मजूमदार ने बताया कि चक्रवात तूफान से क्षति की सूचना मिलेगी तो विभाग को सूचित किया जाएगा. इसके बाद विभागीय निर्देश के आलोक में की कार्यवाही की जाएगी. क्षेत्र में गुरुवार को 17.2 तथा शुक्रवार अभी तक 19.2 एमएम की बरसात हुई है. तूफान खत्म होने के बाद क्षेत्र में धान का कितना क्षति हुआ है उसका आकलन कर कार्यवाही की जाएगी.
