
टेंडर घोटाले की जांच की मांग, कार्यकारी अध्यक्ष ने दी खुली चुनौती

Arjun Kumar Pramanik…….✍️
रांची : झारखंड के लाल और घासी नायक युवा कल्याण संगठन के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष ने ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल रांची के मुख्य अभियंता (Chief Engineer) पर टेंडर घोटाले और अनियमितता का गंभीर आरोप लगाते हुए खुली चुनौती दी है।
अध्यक्ष ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2024–2025 में जारी कई टेंडरों में भारी हेराफेरी की गई है। निविदा प्रक्रिया में दस-दस ठेकेदारों ने भाग लिया, लेकिन सिर्फ दो ठेकेदारों को ही क्वालिफाई किया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर ये दो ही लोग कैसे क्वालिफाई कर जाते हैं, जबकि उनका टर्नओवर और दस्तावेज संदिग्ध हैं। इसके बावजूद उन्हीं को कार्य आवंटित किया जा रहा है, जिससे स्पष्ट होता है कि रिश्वत लेकर टेंडर पास किए जा रहे हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि रांची, सिमडेगा और खूंटी जिला इसके प्रमुख उदाहरण हैं। कई मामलों में जिन संवेदकों को पिछले वित्त वर्ष में अयोग्य बताया गया था, उन्हें इस वर्ष योग्य घोषित किया गया है। यह पूरी तरह जांच का विषय है। कार्यकारी अध्यक्ष ने आगे कहा “यह साफ दिख रहा है कि विभाग के कुछ इंजीनियर, जिनमें स्कूटी इंजीनियर भी शामिल हैं, इस खेल में मिले हुए हैं। पूरे झारखंड में अब ‘अबुवा-बबुवा सरकार’ की तर्ज पर भ्रष्टाचार चल रहा है। ऐसे में हमारा झारखंड ‘सोने की चिड़िया’ कैसे बनेगा?”

