
जमशेदपुर : आंगनबाड़ी कर्मचारीयों ने डीसी आफिस के समक्ष दिया धरना
प्रभाकर… ✍️

आंगनबाड़ी सेविका-सहायिकाओं ने 8 सूत्री मांगों को लेकर दिया उपयुक्त कार्यालय के समक्ष एक दिवसीय धरना।
झारखंड आंगनबाड़ी कर्मचारी एसोसिएशन, पूर्वी सिंहभूम कमिटी के बैनर तले आंगनबाड़ी सेविका एवं सहायिकाओं ने अपनी 8 सूत्री मांगों को लेकर उपायुक्त कार्यालय के समक्ष एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। धरने में बड़ी संख्या में सेविका और सहायिकाएं शामिल हुईं और सरकार से अपनी लंबित मांगों को जल्द पूरा करने की मांग रखा ।
इस दौरान जिला सचिव लक्ष्मी रानी पातर ने कहा, आंगनबाड़ी सेविका और सहायिकाएं वर्षों से कम मानदेय में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा रही हैं । लेकिन उन्हें अब तक सरकारी कर्मचारी का दर्जा नहीं दिया गया है। उन्होंने कहा कि, आंगनबाड़ी कर्मियों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा देते हुए सभी वैधानिक सुविधाएं प्रदान किया जाए।
धरना स्थल में उपस्थित सदस्यों ने कहा कि सेविका और सहायिकाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए रिटायरमेंट के समय कम से कम 5 लाख रुपये एकमुश्त बेनिफिट दिया जाना चाहिए। साथ ही रिटायरमेंट के बाद उन्हें मानदेय का 50 प्रतिशत पेंशन के रूप में दिया जाए।
संगठन ने यह भी मांग रखी कि सेविका या सहायिका की आकस्मिक मृत्यु होने पर उनके परिवार को 2 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाए। इसके अलावा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष करने की मांग भी उठाई गई।
धरना के दौरान पोषाहार राशि का भुगतान स्थानीय बाजार दर के अनुसार करने भुक्तान करने के अतिरिक्त आंगनबाड़ी सेविका-सहायिकाओं को प्रतिमाह मोबाइल रिचार्ज के लिए प्रतिमाह 400 रुपये देने की मांग भी किया।
संगठन के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है तो आंदोलन को और तेज करने के लिए बाध्य हो जाएंगे।
