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बाढ़ में डुबने से मिथुन की मौत, हेमा सदमें में 24 घंटे

रखी जा रही है निगरानी ……..

जमशेदपुर डेस्क – लगातर बारिश ने जन-जीवन को त्राहिमान है वही स्वर्णरेखा और खरकाई नदी का जलस्तर बढ़ने से आसपास बाढ़ की स्थिति बनी हुई है । बाढ़ की स्थिति टाटा जू को भी समाना करना पड़ रहा है । ऐसी स्थिति में बाढ़ से टाटा जू में रहने वाले नर तेंदुआ मिथुन की मौत हो गई है. इसको लेकर वन विभाग ने अपनी जांच शुरू कर दी है. वैसे टाटा जू प्रबंधन ने इसकी पुष्टि कर दी है. बताया गया कि बाढ़ के कारण जू में काफी पानी भर गया था.

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सुरक्षा के दृष्टिकोण से बाड़े में रह रहे नर तेंदुआ मिथुन और मादा तेंदुआ हेमा को डिस्प्ले एरिया में छोड़ दिया गया था, ताकि वे स्वतंत्र विचरण कर सके और भोजन में उन्हें कोई परेशानी ना हो. मादा तेंदुआ ने पेड़ पर चढ़कर अपनी जान बचा ली मगर वृद्धावस्था होने के कारण मिथुन पेड़ तक पहुंच कर अपनी सुरक्षा नहीं कर सका और उसकी मौत हो गई. बाढ़ का पानी कम होने के बाद जू प्रबंधन की ओर से मिथुन की खोज शुरू की गई.

जहां वह मृत पाया गया. इसकी सूचना जू प्रबंधन द्वारा वन विभाग को दे दी गई. जिसके बाद वन विभाग ने अपनी जांच शुरू कर दी है. बता दें कि साल 2005 में जन्मे मिथुन को नवंबर 2007 में पश्चिम बंगाल के जलदापारा बचाव केंद्र से टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क जमशेदपुर लाया गया था.

फिलहाल मादा तेंदुआ हेमा सुरक्षित है और अगले 24 घंटों की निगरानी में है. इस संबंध में जमशेदपुर प्रमंडल डीएफओ ने बताया कि तेंदुए की मौत की जांच शुरू कर दी गई है. टाटा जू प्रबंधन को पत्र लिखकर दो दिनों के भीतर स्पष्टीकरण तलब किया गया है. उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.