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जमशेदपुर : 13 साल पुराने तोड़फोड़ मामले में छह भाजपा नेता बरी, कोर्ट में नहीं मिले पुख्ता साक्ष्य…

दीप पाल ..✍️

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जमशेदपुर: वर्ष 2012 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के भारत बंद के दौरान स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) मानगो शाखा में तोड़फोड़ और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने के मामले में 13 वर्षों तक चली कानूनी लड़ाई के बाद छह भाजपा नेताओं को कोर्ट से राहत मिली है। प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी अरविंद कुमार की अदालत ने सभी अभियुक्तों को पर्याप्त साक्ष्य न मिलने के आधार पर बरी कर दिया।

मामले की पृष्ठभूमि

यह मामला 2012 में भाजपा के भारत बंद के दौरान का है, जब पार्टी कार्यकर्ताओं पर एसबीआई मानगो शाखा में तोड़फोड़ करने और सरकारी कार्य में बाधा डालने का आरोप लगा था। इस मामले में भाजपा जमशेदपुर महानगर के पूर्व अध्यक्ष गुंजन यादव, विकास सिंह, राजेश सिंह, मनोज सिंह, सुनील सिंह, सूरज नारायण और टोनी सिंह को अभियुक्त बनाया गया था।

13 साल तक चले इस मुकदमे में बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं मलकीत सिंह और मनप्रीत सिंह ने दलील दी कि अभियुक्त केवल बैंक के बाहर से बंद का समर्थन करते हुए गुजर रहे थे और उनके खिलाफ लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं।

कोर्ट में क्या हुआ ?

इस मामले में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, मानगो शाखा के तत्कालीन मैनेजर और मानगो थाना के तत्कालीन थानेदार की गवाही हुई। दोनों ने सिर्फ भाजपा नेता विकास सिंह की पहचान की, जबकि अन्य अभियुक्तों के खिलाफ कोई ठोस प्रमाण नहीं मिला।

कोर्ट का फैसला

प्राथमिक साक्ष्य के अभाव में न्यायालय ने भाजपा के पूर्व महानगर अध्यक्ष गुंजन यादव, विकास सिंह, सुनील सिंह, राजेश सिंह, मनोज सिंह और सूरज नारायण को बरी कर दिया। वहीं, सातवें अभियुक्त टोनी सिंह की कुछ माह पूर्व हत्या हो जाने के कारण उसे मामले से अलग कर दिया गया था।

इस फैसले के बाद भाजपा नेताओं ने इसे सत्य की जीत बताया और कहा कि यह मामला राजनीति से प्रेरित था। वहीं, कोर्ट के निर्णय से उनके समर्थकों में खुशी की लहर है।

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