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सिदरोल मामले में झालसा ने लिया संज्ञान, बच्चों के संरक्षण के लिए दिए निर्देश

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Arjun Kumar Pramanik…….✍️

रांची। अखबारों में प्रकाशित सिदरोल गांव से संबंधित खबर पर झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा) के निर्देश के आलोक में जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा), रांची द्वारा त्वरित कार्रवाई की गई। सदस्य सचिव झालसा के आदेश पर न्यायायुक्त-सह-अध्यक्ष, डालसा रांची के नेतृत्व में डालसा सचिव द्वारा एक टीम गठित की गई, जिसने 25 जनवरी 2026 को बुढ़मू प्रखंड के सिदरोल गांव पहुंचकर बच्चों से मुलाकात की और स्थिति का जायजा लिया। टीम को बातचीत के दौरान जानकारी मिली कि सिदरोल गांव के एक जर्जर एवं टूटे-फूटे मकान में चार बच्चे रह रहे हैं। इनमें एक 14 वर्षीय बच्चा है, जो अपने तीन छोटे भाई-बहनों (12 वर्ष, 9 वर्ष एवं 6 वर्ष) की देखरेख करता है और उनके लिए भोजन की व्यवस्था करता है। बच्चों के पिता एक छोटे बच्चे को लेकर बाहर कमाने गए हुए हैं, जबकि मां करीब आठ माह पहले घर से निकल गई है, जिसका अब तक कोई पता नहीं चल पाया है। बच्चों का मकान अत्यंत जर्जर स्थिति में है और छत कभी भी गिर सकती है। मामले की गंभीरता को देखते हुए डालसा सचिव ने बुढ़मू बीडीओ, जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी (डीसीपीओ) रांची एवं बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) से समन्वय स्थापित किया। बीडीओ बुढ़मू के सहयोग से सभी बच्चों के लिए गर्म कपड़ों की व्यवस्था की गई। साथ ही बुढ़मू प्रखंड क्षेत्र के दो स्थानीय पीएलवी को बच्चों की नियमित देखरेख के लिए डिपुट किया गया। दो बच्चों का आधार कार्ड नहीं होने के कारण उसे शीघ्र बनवाने का निर्देश भी दिया गया है। बीडीओ बुढ़मू ने बताया कि सभी बच्चों के लिए अंबेडकर आवास योजना के तहत जल्द आवास उपलब्ध कराया जाएगा। डालसा सचिव ने जानकारी दी कि आधार कार्ड बनने के बाद सभी बच्चों को सीडब्ल्यूसी के माध्यम से स्पॉन्सरशिप स्कीम से जोड़ा जाएगा, जिसके तहत प्रत्येक बच्चे को पढ़ाई के लिए प्रति माह 4-4 हजार रुपये की सहायता मिलेगी। इसके अलावा लगभग 12 वर्ष की एक बच्ची का नामांकन कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में कराने का निर्देश भी दिया गया है।डालसा द्वारा बच्चों के माता-पिता से संपर्क स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है। संपर्क होने पर उनसे बातचीत की जाएगी। तब तक के लिए सिदरोल की मुखिया अनुपा उरांव से समन्वय कर यह सुनिश्चित किया गया है कि बच्चों के पुनर्वास तक उनकी देखरेख एवं खाने-पीने की व्यवस्था की जाए।
यह जानकारी डालसा सचिव राकेश रौशन ने दी।

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