सरला बिरला विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय एकता दिवस का आयोजन…
राँची : अर्जुन कुमार ।
सरला बिरला विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय एकता दिवस का आयोजन सरदार वल्लभभाई पटेल के जन्म दिवस के उपलक्ष में किया गया। इस अवसर पर एकता दौड़ का आयोजन विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर गोपाल पाठक द्वारा हरी झंडी दिखाकर किया गया।
इस कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में प्रोफेसर गोपाल पाठक ने अपना प्रेरक एवं अनुभवात्मक विचार साझा करते हुए सरदार वल्लभभाई पटेल की जीवन यात्रा से अवगत कराया एवं छात्रों को उनके जीवन से सीख लेने की सलाह दी। उन्होंने विस्तृत चर्चा करते हुए कहा कि उनके अथक प्रयासों के कारण ही भारत की 565 रियासतें भारत में विलीन हो पाई। आज आवश्यकता है कि नौजवान उनके जीवन से सीख लेकर देश की एकता के लिए शपथ ले एवं काम करें। विश्वविद्यालय के मुख्य कार्यकारी पदाधिकारी डॉ प्रदीप वर्मा ने राष्ट्रीय सेवा योजना के प्रयासों की सराहना करते हुए छात्रों से देश की एकता एवं अखंडता कायम रखने का आहवान किया।
इस अवसर पर छात्रों को संबोधित करते हुए विश्वविद्यालय के कुल सचिव प्रोफेसर विजय कुमार सिंह ने कहा कि देश की आजादी बहुत ही कुर्बानियों के बाद मिली है। देश की एकता एवं अखंडता के लिए छात्रों को आगे बढ़कर काम करना होगा। आज के दिन सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर देश की एकता एवं अखंडता के लिए हम सभी छात्रों को आगे बढ़कर काम करना होगा। आज के दिन सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर हम सभी शपथ लेकर देश की एकता एवं अखंडता के लिए काम करें। साथ ही उन्होंने देश प्रथम है इस मंत्र को भी छात्रों को हमेशा ध्यान रखने पर बल दिया। कार्यक्रम में स्वागत भाषण राष्ट्रीय सेवा योजना के समन्वयक डॉ. संजीव सिंन्हा ने किया जबकि धन्यवाद ज्ञापन कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ मेघा सिंन्हा ने किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. आरोही आनंद ने किया।
इस कार्यक्रम को आयोजित करने में डॉ सुभानी बारा, डॉ अशोक अस्थाना, डॉ संजीव कुमार, डॉ विद्या झा, डॉ शैलेश नारायण, डॉ राजकुमार सिंह, प्रो. अमित गुप्ता, प्रो. राजीव रंजन, श्री सुभाष नारायण सहदेव ने महत्वपूर्ण भूमिका अदा की। उक्त कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के सभी ऑफिसर, संकायाध्यक्ष, सह संकायाध्यक्ष, शिक्षक गण एवं विद्यार्थियों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम के अंत में सभी ने देश की एकता एवं अखंडता हेतु शपथ ग्रहण की।
