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सिर्फ़ शिलान्यास नहीं, सड़क चाहिए: रसुनिया गाँव के ग्रामीणों का आक्रोश

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रिपोर्टर – जगबंधु महतो, चांडिल

सरायकेला ।  जिले के चांडिल अनुमंडल क्षेत्र के रसुनिया और आसपास के गाँवों में अधूरी सड़क निर्माण को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि ढाई साल बीत जाने के बावजूद अब तक सड़क नहीं बनी है और लोग बदहाल जीवन जीने को मजबूर हैं।

22 फरवरी 2022 को एनएच-32 पीएचईडी मोड़, चांडिल से सुखसारी, रसुनिया होकर एनएच-32 जामडीह तक 12.432 किमी सड़क निर्माण योजना का शिलान्यास ईचागढ़ की विधायक सबीता महतो और रांची सांसद संजय सेठ ने संयुक्त रूप से किया था। रसुनिया गाँव में करीब 1.5 किमी तक सड़क निर्माण के लिए खुदाई भी हुई, लेकिन इसके बाद कार्य अधूरा ही छोड़ दिया गया।

ग्रामीणों की परेशानियाँ

गाँव के लोग बताते हैं कि कीचड़ और गड्ढों से होकर रोज़ाना गुजरना पड़ता है। बरसात में हालत और भी खराब हो जाती है। बच्चों और महिलाओं के लिए रास्ता पार करना जोखिम भरा हो जाता है। मरीज़ समय पर अस्पताल नहीं पहुँच पाते, छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और किसान अपनी फसल बाज़ार तक नहीं ले जा पा रहे हैं। विस्थापित नेता राकेश रंजन महतो की चेतावनी विस्थापित नेता राकेश रंजन महतो ने कहा,
“यह सिर्फ़ शिलान्यास की बात नहीं है, बल्कि सड़क जैसी बुनियादी सुविधा का हक़ है। गाँव ने हर बार विकास के नाम पर जमीन दी है, लेकिन आज लोग बुनियादी सुविधा से वंचित हैं। अब जनता साफ कह रही है – सड़क बनाओ, वरना आंदोलन होगा।” उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ तो ग्रामीण ब्लॉक कार्यालय का घेराव करेंगे और सड़क जाम करने को मजबूर होंगे। ग्रामीणों का कहना है कि यह अब सिर्फ विकास का मुद्दा नहीं बल्कि सम्मान और अधिकार की लड़ाई है।