
विश्व पर्यावरण दिवस पर राजद का बड़ा आरोप: “बंद घोषित आरा मिल में अब भी चल रहा काम”, डीएफओ की जांच की मांग

रिर्पोटर – जगबंधु महतो
गम्हरिया : विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जहां एक ओर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के लिए वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया, वहीं दूसरी ओर वन भूमि और कथित अवैध आरा मिल संचालन को लेकर प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल भी उठाए गए। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रदेश महासचिव अर्जुन प्रसाद यादव, जलवायु सह वन पर्यावरण रक्षा समिति के अध्यक्ष मृत्युंजय कुमार तथा झारखंड शॉ मिल एसोसिएशन के सचिव अनिल कुमार अग्रवाल ने संयुक्त रूप से वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।
इस दौरान नेताओं ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को भेजे गए आवेदन का हवाला देते हुए कोल्हान क्षेत्र के एक डीएफओ की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। आवेदन में आरोप लगाया गया है कि वन भूमि और लकड़ी कारोबार से जुड़े कुछ तत्वों को संरक्षण दिया जा रहा है, जिससे पर्यावरण संरक्षण के प्रयास प्रभावित हो रहे हैं।
समिति अध्यक्ष मृत्युंजय कुमार ने दावा किया कि प्रशासन और वन विभाग की कार्रवाई के बाद बंद कराए गए भगत शॉ मिल परिसर के पिछले हिस्से में कथित रूप से अब भी आरा मिल का संचालन जारी है। उन्होंने कहा कि यदि बंद घोषित प्रतिष्ठान में गतिविधियां संचालित हो रही हैं तो इसकी उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
राजद प्रदेश महासचिव अर्जुन प्रसाद यादव ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल औपचारिक अभियानों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि वन संपदा की सुरक्षा और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही भी सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री से पूरे मामले की जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने की मांग की।
आवेदन की प्रतिलिपि वन एवं पर्यावरण विभाग, प्रधान मुख्य वन संरक्षक तथा संबंधित उपायुक्तों को भी भेजी गई है। कार्यक्रम में गाजू साव, राजकुमार यादव, देवराज जंघेल, उत्तम कुमार, मुकेश झा, दुबराज, रमेश माझी, सरिता मांझी, नरसिंह टुडू, कैलाश टुडू, रामसाय सोरेन समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

