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राष्ट्रीय डेंगू दिवस को लेकर जागरूकता कार्यक्रम का हुआ आयोजन . . .

सरायकेला: SANJAY

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सिविल सर्जन कार्यालय के सभागार में मंगलवार को जिले के सिविल सर्जन डॉ विजय कुमार की अध्यक्षता में राष्ट्रीय डेंगू दिवस को लेकर जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सिविल सर्जन डॉ विजय कुमार ने डेंगू रोग की उत्पत्ति उसके लक्षण व इससे बचाव की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि देश को डेंगू मुक्त करने का लक्ष्य आज हमारे सामने है। ऐसा तभी संभव है जब सब समुदाय के लोगों को डेंगू के विषय में सही जानकारी हो। इसके लिए सबसे जरूरी है मच्छरों की रोकथाम की जाए।

यह वायरल रोग है। डेंगू फैलाने वाला यह मच्छर आपके घरो में रखे गमलो, कूलर, एसी में जमा पानी से भी पैदा हो सकता है। डेंगू का अब तक कोई विशेष उपचार नही है। इसके लक्षणों में अत्यधिक बुखार होना बीपी का कम होना, शरीर पर चक्कते होना, पूरे शरीर में दर्द, सांस लेने में तकलीफ होना, उल्टी होना, चक्कर आना, बेहोशी होना इत्यादि होते हैं। मच्छर के रोकथाम हेतु आसपास पानी जमा न होने दें, गडढों को मिट्टी से भर दिया जाएं।

नालियों में पानी जमा न होने देकर सफाई कराएं। कूलर, फूलदानों, नांद का पानी एक सप्ताह में खाली करें एवं पुन: साफ पानी भरें। घर में टूटे-फूटे डिब्बे, टायर, बर्तन, बोतलें इत्यादि न रखें। घर के दरवाजे, खिड़कियों में महीन जाली लगाकर मच्छरों को रोकें। केवल लक्षण के आधार पर रोगी का उपचार किया जा सकता है। सिविल सर्जन ने कहा कि डेंगू को लेकर आदित्यपुर क्षेत्र में विशेष फोकस करने की बात कही गयी। मौके पर जिला आरसीएच पदाधिकारी डॉ अजय कुमार सिंहा, डीपीएम निर्मल कुमार घोष समेत अन्य चिकित्सक व पारा मेडिकल स्टाफ उपस्थित रहे।

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