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मूल परंपराओं के साथ सरायकेला छऊ आर्टिस्ट एसोसिएशन ने या पारंपरिक चइत परब-2023 का शुभारंभ . . .

सरायकेला SANJAY । जिला प्रशासन द्वारा किए गए उपेक्षा से आहत सरायकेला छऊ आर्टिस्ट एसोसिएशन ने अलग से पारंपरिक चईत परब-2023 का परंपरागत तरीके से आगाज किया। सरायकेला के जेल रोड बजरंगबली मंदिर के समक्ष मैदान में आयोजित किए जा रहे पारंपरिक चईत परब-2023 का शुभारंभ विधि विधान के साथ मिट्टी और गोबर से तैयार आसर का पूजा पाठ कर अखाड़ामाड़ा के साथ किया गया। एसोसिएशन के अध्यक्ष भोला महांती के नेतृत्व में इस अवसर पर छऊ गुरुओं एवं बढ़िया कलाकारों को एसोसिएशन की ओर से अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया गया। मौके पर एसोसिएशन के अध्यक्ष भोला महांती ने बताया कि आगामी 13 अप्रैल को छऊ के कलाकार परंपरा अनुसार रात्रि जागरण करेंगे।

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और पूरे रात भर सरायकेला शैली के छऊ नृत्य की प्रस्तुति की जाएगी। जिसमें छऊ के वरीय कलाकारों द्वारा एक से बढ़कर एक मनोहारी मनमोहक छऊ नृत्य की प्रस्तुति की जाएगी। इस अवसर पर एसोसिएशन की ओर से सुधांशु शेखर पानी को सुरोश्री सम्मान से, शिल्पकार दिलीप आचार्य को शिल्पश्री सम्मान से, वाद्यकार मंगला चरण मुखी को तालोश्री सम्मान से, कामेश्वर भोल को नृत्यश्री सम्मान से तथा गुरु मनोरंजन साहू को गुरुश्री सम्मान से सम्मानित करते हुए प्रमाण पत्र और नगद राशि प्रदान की जाएगी।

चईत परब-2023 के शुभारंभ के अवसर पर एसोसिएशन के रजत पटनायक, ब्रजेंद्र पटनायक, मनोज कुमार चौधरी, सुधांशु शेखर पानी, कामेश्वर भोल, सुशील आचार्य, सुनील दुबे, नीलकंठ सारंगी, काशीनाथ कर, आशीष कर, अविनाश कवि, लिटन महांती, अनिल पटनायक, देवराज दुबे, दिनेश पानी एवं नीरज पटनायक सहित दर्जनों की संख्या में कलाकार मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि चईत परब की मूल परंपरा के साथ किसी को भी खिलवाड़ करने नहीं दिया जाएगा।

इसकी मूल परंपरा को बचाए रखने और संरक्षित रखने के उद्देश्य से ही पहली बार सरायकेला छऊ आर्टिस्ट एसोसिएशन द्वारा अलग से पारंपरिक चईत परब-2023 का आयोजन किया जा रहा है।

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