मंगड़ु रिक्शावाला:
देशभक्ति का जज्बा दिलों में होना चाहिए, हर घर के साथ दिलों में लहराएगा तिरंगा……
संजय मिश्रा (सरायकेला) सारी दुनिया का बोझ हम उठाते हैं, का संदेश देते रिक्शा और ठेले वाले आमदनी करने की तुलना में समाज के सबसे मेहनतकश माने जाते हैं। आजादी के 75वें वर्षगांठ पर आज पूरा देश आजादी का अमृत महोत्सव हर्षोल्लास के साथ मना रहा है।
जहां हर घर तिरंगा के आह्वान पर घरों के मुंडेर पर राष्ट्र का गौरव तिरंगा बड़े शान से लहरा रहा है। इसी क्रम में सरायकेला में मालवाहक रिक्शा चलाने वाले बेहद ही गरीब मंगड़ु रिक्शावाला के देशभक्ति के जज्बे ने अनायास ही दिल को छू लिया। जिसमें सुबह के नाश्ता का फिक्र किए बिना रिक्शा लेकर काम पर निकले मंगड़ु ने सबसे पहले अपने रिक्शे पर तिरंगा लहराना जरूरी समझा। जब इस संबंध में मंगड़ु से बात किया गया तो मंगड़ु का हर लब्ज दिल को झकझोर देने वाला था। ऐसा लगा कि सच्ची देशभक्ति यही है।
जिनके घरों पर तिरंगा लहराने से पहले दिलों में हर पल राष्ट्रध्वज तिरंगा लहराते रहता है। एक मुलाकात में मंगड़ु ने कहा कि पहले देश है। उसके बाद ही कुछ और है। इसलिए देश के नाम सब कुर्बान है। बहरहाल मंगड़ु के मन झकझोर देने वाली विचार बताते हैं कि सच्ची देशभक्ति मन से आनी चाहिए। हालांकि मंगड़ु द्वारा अपने रिक्शे पर तिरंगा लहराना राहगीरों के लिए सामान्य विषय हो सकता है। परंतु इसकी गहराइयां सच्ची राष्ट्रभक्ति की परिभाषा बन सकती है।
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