
निराश्रित बच्चों की सहायता करना भी उद्देश्य

Arnun Kumar Pramanik…..✍️
रांची । जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा), रांची के मार्गदर्शन में व्यवहार न्यायालय, रांची में पांच दिवसीय विशेष मध्यस्थता अभियान की शुरुआत की गई है। यह अभियान 09 मार्च से 13 मार्च 2026 तक चलेगा। अभियान का उद्देश्य अधिक से अधिक लंबित वादों का आपसी सहमति से निस्तारण करना है।
इस विशेष मध्यस्थता अभियान के तहत तलाक संबंधी मामले, वैवाहिक पुनर्स्थापना, भरण-पोषण, बच्चों की संरक्षकता व अभिरक्षा, परिवार न्यायालय में लंबित अन्य मामले, दहेज प्रतिषेध अधिनियम, भारतीय दंड संहिता की धारा 498ए तथा घरेलू हिंसा से संबंधित मामलों का निस्तारण किया जा रहा है। इन मामलों का समाधान व्यवहार न्यायालय, रांची के अधिवक्ता मध्यस्थ, विशेषज्ञ मध्यस्थ और दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के सहयोग से कराया जा रहा है। डालसा सचिव राकेश रौशन ने बताया कि वादकारियों के मामलों का शीघ्र निस्तारण ही इस मध्यस्थता अभियान का मुख्य लक्ष्य है। इसके लिए मध्यस्थों को अधिवक्ताओं और वादकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर अधिक से अधिक मामलों के समाधान पर ध्यान देने का निर्देश दिया गया है । अभियान के पहले दिन कुल 31 मामले विभिन्न न्यायालयों से मध्यस्थता केंद्र, रांची में स्थानांतरित किए गए, जिनमें से 11 मामलों का सफलतापूर्वक निस्तारण कर लिया गया। दोनों पक्ष आपसी सहमति से अपने विवादों को समाप्त करने पर सहमत हुए । इसी क्रम में विधिक जागरूकता कार्यक्रम के तहत खेलारी प्रखंड के लपरा महुआटांड़ गांव में एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पीएलवी राम कुमार उरांव, जलेश्वर महतो और अन्य लोग उपस्थित थे। कार्यक्रम के दौरान लोगों को साथी, डॉन, आशा, जागृति और संवाद योजना के बारे में जानकारी दी गई। बताया गया कि नालसा द्वारा संचालित साथी अभियान के तहत निराश्रित और असहाय बच्चों को सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। लोगों से अपील की गई कि यदि आसपास कोई निराश्रित बच्चा दिखाई दे तो इसकी सूचना तत्काल डालसा कार्यालय को दें, ताकि उन्हें आवश्यक सहायता प्रदान की जा सके । इस अवसर पर नालसा की विभिन्न योजनाओं जैसे तृप्ति, चेतना, आत्मनिर्भरता, निरोगी भव, शक्ति, मानवता एवं वात्सल्य सहयोग के बारे में भी जानकारी दी गई। साथ ही आगामी 14 मार्च को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के संबंध में भी लोगों को जागरूक किया गया । डालसा सचिव ने कहा कि विधिक सेवा प्राधिकार का उद्देश्य लोगों को न्याय तक आसान पहुंच उपलब्ध कराना और समाज के कमजोर वर्गों को विधिक सहायता प्रदान करना है।

