
27 दिन से टूटा पेड़ सड़क पर… प्रशासन अब तक गहरी नींद में!
मुख्यमंत्री कैंप के सामने भी नहीं दिख रहा जिम्मेदारों को खतरा

दुमका : 22 मई की रात आई तेज़ आंधी ने दुमका जिले के सबसे व्यस्त इलाके में एक बड़ा पेड़ गिरा दिया। जगह कोई मामूली नहीं – मुख्यमंत्री कैंप और जिला परिषद के गेट के ठीक सामने। लेकिन हैरानी की बात यह है कि 27 दिन बीतने के बाद भी पेड़ अब तक वहीं पड़ा है… और जिला प्रशासन अब तक मौन है। इस रास्ते से रोजाना सैकड़ों वाहन—बाइक, स्कूल वैन, ट्रैक्टर और भारी गाड़ियाँ गुजरती हैं। ग्रामीण बताते हैं कि रात के समय यह पेड़ साफ दिखाई नहीं देता, जिससे बड़ा हादसा कभी भी हो सकता है। आधी सड़क बाधित है, और जाम की स्थिति लगातार बनी रहती है। स्थानीय लोग—मनीष कुमार, अमन कुमार, मोहम्मद आज़ाद, और मोहम्मद राज—ने चिंता जाहिर करते हुए कहा: “प्रशासन अगर गरीबों के ठेला और दुकानों को हटाने में तत्पर है, तो इस पेड़ को हटाने में इतनी सुस्ती क्यों?” यह कोई गांव की दुर्गम सड़क नहीं, जिला प्रशासन के सामने की बात है। मजदूर हों या स्कूली बच्चे—हर किसी के लिए यह रास्ता जोखिम से भरा हुआ है।सवाल साफ है क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतज़ार कर रहा है? क्या जनता की जान की कीमत इस सिस्टम के लिए इतनी सस्ती हो गई है? जनता की मांग साफ है—गिरा हुआ पेड़ जल्द से जल्द हटाया जाए, ताकि कोई अनहोनी न हो। ये सिर्फ एक टूटा पेड़ नहीं, प्रशासन की संवेदनहीनता का प्रतीक बन चुका है। अब देखना ये होगा कि नींद में डूबा सिस्टम कब जागेगा…
दुमका से vananchal24tvlive के लिए मौसम गुप्ता का रिपोर्ट

