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डोबो में सरकारी जमीन के अतिक्रमण का मामला गरमाया, उच्चस्तरीय जाच की मांग

सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल प्रखंड अंतर्गत डोबो ग्राम सभा क्षेत्र में सरकारी जमीन के कथित अतिक्रमण का मामला सामने आया है। संयुक्त ग्राम सभा मंच, झारखंड के केंद्रीय अध्यक्ष एवं डोबो ग्राम सभा निगरानी समिति के अध्यक्ष अनूप कुमार महतो ने रविवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।
अनूप महतो ने कहा कि ग्राम सभा स्तर पर की गई जांच में कई सरकारी जमीनों पर बिल्डरों, भू-माफियाओं और शराब कारोबार से जुड़े लोगों द्वारा कथित रूप से अतिक्रमण किए जाने की जानकारी सामने आई है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में चांडिल अंचल प्रशासन की कथित चुप्पी भी सवाल खड़े करती है।
उन्होंने कहा कि डोबो में सुवर्णरेखा नदी पर पुल बनने के बाद क्षेत्र में तेजी से निर्माण गतिविधियां बढ़ी हैं और कई बिल्डरों द्वारा डोबो समेत आसपास के ग्राम सभाओं में प्रोजेक्ट विकसित किए जा रहे हैं। उनके अनुसार, डोबो ग्राम सभा की निगरानी समिति के नेतृत्व में कई सरकारी जमीनों की जांच की गई, जिसमें कथित अनियमितताएं सामने आई हैं।
अनूप महतो ने कहा कि सरायकेला-खरसावां जिला पांचवीं अनुसूची क्षेत्र में आता है, जहां ग्राम सभा की महत्वपूर्ण भूमिका है। ऐसे में उन्होंने सवाल उठाया कि ग्राम सभा की अनुमति के बिना परियोजनाओं का संचालन कैसे किया जा रहा है और जमीन के स्वरूप में बदलाव किस आधार पर किया गया। उन्होंने संबंधित परियोजनाओं के नक्शे और स्वीकृति प्रक्रिया की भी जांच की मांग की।
उन्होंने कहा कि सरकारी जमीन से जुड़े मामलों और अन्य बिंदुओं पर ग्राम सभा स्तर से जांच पूरी की जा रही है। संयुक्त ग्राम सभा मंच जल्द ही पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग करेगा। साथ ही इस मुद्दे को लेकर झारखंड के राज्यपाल से मुलाकात कर मामले की जानकारी देने की बात भी कही गई है।
हालांकि, लगाए गए आरोपों पर संबंधित बिल्डरों, भू-स्वामियों और चांडिल अंचल प्रशासन का पक्ष सामने नहीं आया है। उनका पक्ष मिलने पर खबर में शामिल किया जाएगा।