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चाकुलिया: खोड़ीपहाड़ी में बुरू बोंगा पाता नाच सह मेला का हुआ आयोजन, शिक्षा मंत्री ने कहा आदिवासी प्राकृतिक को देवता मानकर करते है पहाड़ की पूजा

संवाददाता: विश्वकर्मा सिंह
चाकुलिया प्रखंड के जुगीतोपा पंचायत स्थित खोड़ीपहाड़ी पहाड़ पूजा के दुसरे दिन कमेटी द्वाराबुरू बोंगा पाता नाच सह मेला का आयोजन किया गया. मेला में विभिन्न प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम और पाता नाच प्रतियोगिता आयोजित किया गया. इस कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन और विशिष्ट अतिथि के रूप में विधायक समीर मोहंती ओर पूर्व विधायक कुणाल षाडंगी शामिल हुए. इस अवसर पर सभी अतिथियों को पारंपरिक टोपी पहनाकर सम्मानित किया गया. इस दौरान आए हुए अतिथियों ने पारंपरिक धमसा बजाया. इस बुरू बोंगा पाता नाच में प्रथम स्थान पर एल.पी.एस लुआग्राम, (पश्चिम बंगाल) द्वितीय स्थान पर पलाशबोनी मारांग बूरू हरियार गांवता क्लब, फुलकुसमा, (पश्चिम बंगाल) तृतीय स्थान पर गोशाय बाबा टाईटका माझी क्लब, बेलपाहाड़ी, (पश्चिम बंगाल) ने बाजी मारी.

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मौके पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए विधायक समीर मोहंती ने कहा कि मेला झारखंडियों के लिए सिर्फ मनोरंजन का माध्यम ही नहीं बल्कि यह मेला जनजातीय समाज की संस्कृति परंपरा और उनकी आर्थिक संरचना का इतिहास भी बताता है. क्षेत्र के लोग लगातार एक महीना प्रकृति का पूजा करते है. विधायक ने कहा कि बड़ी सौभाग्य की बात है कि हमारे बीच शिक्षा मंत्री शामिल है. संस्कृति को ध्यान में रखते हुए इसको सुंदर और सज्जित करने का काम करेंगे. इस मेला को झारखंड के लोग एक त्योहार के रूप में मनाते हैं.

मुख्य अतिथि शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि हम पहाड़ में रहते है और पहाड़ में जीव जंतु रहते है. आदिवासी समाज एक साथ एक पहाड़ में रहता है इसलिए पहाड़ की पूजा की जाती है. आदिवासियों की पहाड़ और जीव जंतु के साथ बहुत ही अच्छा संबंध है. इसलिए प्राकृतिक को देवता मानते है और पहाड़ की पूजा करते है. जानवर और पहाड़ के साथ हमेशा ही संबध बना रहे इसलिए पहाड़ की पूजा करते है. आदिवासियों के हित के लिए दिशोम गुरु शिबू सोरेन ने अलग राज्य का मांग किया था. भारतीय जनता पार्टी की सरकार जल, जंगल, जमीन को लूटने का काम किया है. उन्होंने कहा कि विपक्षियों ने षडयंत्र के साथ गलत आरोप लगाकर आदिवासी मुख्यमंत्री को जेल भेजने का काम किया है. लेकिन अब आदिवासियों को लूटने नहीं देंगे. समुद्र के लहर में चंपई सोरेन फंस गया है इसलिए अनाप समाप भाषण देने लगा है. देशों गुरु शिबू सोरेन आदिवासियों को आगे बढ़ाने का काम किया है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने हमेशा ही आदिवासियों के हित का काम किया है. राज्य सरकार ने स्वास्थ्य और शिक्षा की क्षेत्र में बेहतर व्यवस्था देने का काम करेगा.

इस मौके पर प्रखण्ड प्रमुख धनंजय करुणामय, बीस सूत्री अध्यक्ष साहेबराम मांडी, प्रखंड अध्यक्ष शिवचरण हांसदा, घाटशिला प्रखंड के दुर्गा मुर्मू, गोपन परिहारी, भृति सुंदर महत, रूपचांद हाँसदा, अर्जुन गोप, असित कु. करुणामय, श्यामल कु. महतो, सुनील वरण घोष, हरिश्चंद्र माहाली, हरेन माहाली, अमर हाँसदा, बैद्यनाथ माहाली, रवीन्द्र माहाली, पूर्णचंद्र हाँसदा, रूद्र प्रताप महतो, हरिपद मंडल, खगेश्वर माहाली, शशांक महतो, तपन टुडू, मानिक हेम्ब्रम, बुद्धेश्वर माहाली, राजेश्वर महतो, कृष्णपद माहाली, संजय राणा, भानु माहाली, असित माहाली, राजेन सोरेन, धर्म दास हाँसदा, गोराचांद सोरेन, अखिलेश्वर करुणामय, प्रकाश हेमंत, लखीराम माहाली, लोसो सोरेन, राहुल माहाली, प्रभु हाँसदा, प्रसन्नजीत माहाली, कृष्णपद महतो, धरनी करुणामय आदि उपस्थित थे.

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