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नारायण आईटीआई, लुपुंगडीह में शहीद दिवस श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया गया

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चांडिल प्रखंड के लुपुंगडीह स्थित नारायण आईटीआई में शहीद दिवस के अवसर पर एक भावपूर्ण और गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान देश के अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके बलिदान को याद किया गया।कार्यक्रम की शुरुआत शहीदों के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर और दो मिनट का मौन रखकर की गई। इस मौके पर संस्थान के शिक्षक, कर्मचारी और छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और शहीदों के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की।
अमर शहीदों के बलिदान को देश कभी भुला नहीं सकता। भारत की आज़ादी असंख्य वीर सपूतों के त्याग और संघर्ष का परिणाम है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. जटाशंकर पांडे ने अमर शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के जीवन पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि भगत सिंह का जन्म 28 सितंबर 1907 को हुआ था और उन्होंने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ क्रांति का बिगुल फूंका। 23 मार्च 1931 को वे हंसते-हंसते फांसी पर चढ़ गए। उनका नारा इंकलाब जिंदाबाद आज भी युवाओं को प्रेरित करता है।
डॉ. पांडे ने शहीद शिवराम राजगुरु को एक साहसी और निर्भीक क्रांतिकारी बताया, जिन्होंने भगत सिंह के साथ मिलकर अंग्रेज अधिकारी सांडर्स की हत्या कर ब्रिटिश शासन को कड़ा संदेश दिया। वहीं, सुखदेव थापर को एक समर्पित क्रांतिकारी बताते हुए कहा कि उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में अग्रणी भूमिका निभाई और देश के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।इस दौरान छात्र-छात्राओं ने देशभक्ति गीत, कविता और भाषण प्रस्तुत कर माहौल को देशभक्ति से ओत-प्रोत कर दिया। पूरा परिसर देशप्रेम की भावना से गूंज उठा।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने शहीदों के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने, राष्ट्र की एकता और अखंडता को बनाए रखने तथा उनके बलिदान को कभी व्यर्थ नहीं जाने देने का संकल्प लिया। इस अवसर पर एडवोकेट निखिल कुमार, शांति राम महतो, प्रकाश महतो, देवाशीष मंडल, कुलभूषण मंडल, पवन महतो, कृष्णा पद महतो, शिशुमती सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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