
लेखन कौशल से समाज बदलने का संदेश, उषा मार्टिन फाउंडेशन में प्रशिक्षण आयोजित

Arjun Kumar….✍️
नामकुम(राँची) । उषा मार्टिन फाउंडेशन के सभागार में लेखन कौशल पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें “रिपोर्ट, न्यूज़, केस स्टडी और सफलता की कहानी कैसे लिखें” विषय पर विस्तार से जानकारी दी गई। इस प्रशिक्षण में जनप्रतिनिधि, मीडिया से जुड़े लोग और फाउंडेशन के कर्मचारी शामिल हुए। कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार अनुज कुमार सिन्हा ने कहा कि लेखन सिर्फ शब्दों का खेल नहीं, बल्कि समाज को प्रभावित करने का माध्यम है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि लिखते समय यह समझना जरूरी है कि हम किसके लिए और क्यों लिख रहे हैं। उन्होंने कहा कि खबरों में सच्चाई और स्पष्टता सबसे जरूरी होती है। अगर किसी जानकारी को लेकर संदेह हो, तो उसे प्रकाशित करने से बचना चाहिए। उन्होंने प्रतिभागियों को प्रेरित करते हुए कहा, “ऐसा लिखें कि आपकी रिपोर्ट किसी की जिंदगी बदल सके।” साथ ही उन्होंने स्थानीय भाषा के प्रयोग, फोटो की अहमियत और जिम्मेदार पत्रकारिता पर भी प्रकाश डाला । वहीं, वरिष्ठ पत्रकार संजय कृष्णा ने खबर लिखने के व्यावहारिक पहलुओं पर चर्चा करते हुए बताया कि किसी भी खबर का इंट्रो छोटा, साफ और असरदार होना चाहिए। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता एक निरंतर सीखने की प्रक्रिया है, जिसमें अभ्यास से ही निपुणता आती है। फाउंडेशन के सचिव डॉ. मयंक मुरारी ने कहा कि किसी भी खबर का शीर्षक सबसे अहम होता है, क्योंकि वही पाठकों को आकर्षित करता है। उन्होंने प्रतिभागियों को प्रभावी और सटीक हेडिंग लिखने की सलाह दी। कार्यक्रम में एन.के. पटोदिया, प्रिया बागची, बरुण कुमार, भुनेश्वर महतो, मोनित भूतकुमार और संगीता कुमारी सहित कई लोग उपस्थित रहे। अंत में प्रतिभागियों ने इस प्रशिक्षण को उपयोगी और ज्ञानवर्धक बताते हुए इसकी सराहना की।

