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पोटका : क्या स्थानीय जन प्रतिनिधि को है ख्याल, बुंद-बुंद पानी के लिए तरस रहा है जनजीवन?

रिपोर्ट : अभिजीत सेन

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छोटा हाड़ियाण, टोला टांड़िडीह में बीते 6 महीना से चांपानल खराब होने के कारण गर्मी में पेयजल संकट। ग्रामीण परेशान।

पोटका के टांगराईन पंचायत अंतर्गत छोटा हाड़ियाण, टोला टांड़िडीह में तीन चांपा नल में से दो चापानला बीते 6 महीना से खराब पड़े रहने के कारण ग्रामीणों को पेयजल की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि टांड़िडीह में ग्रामीणों की संख्या करीब डेढ़ सौ के लगभग है जहां तीन चापानल है उस में से दो चापानला 6 महीना से खराब पड़ा हुआ है, जिसके कारण टोला में पेयजल की गंभीर संकट उत्पन्न हो चुका है। जिसके चलते ग्रामीणों ने एक-एक बूंद पानी को तरस रहा है। बही पेयजल के लिए ग्रामीणों को अन्य दूरस्थ विकल्प पर निर्भर करना पड़ रहा है। गर्मी में पेयजल संकट को देखते हुए खाली हांडी ,डेक्ची लेकर गांव के महाचंद्र सरदार, अनेन्दर सरदार, बाबूलाल सरदार, सिकेन्दर सरदार,चघरा सरदार,राहुल सरदार, पारुल सरदार, सुनीता सरदार, सूरज सरदार, लीलावती सरदार आदि ने प्रशासन से जल्द से जल्द चांपा नल की मरम्मत कर पेयजल आपूर्ति बहाल करने की मांग की है।

ऐसा नहीं है कि, इस क्षेत्र का कोई जन प्रतिनिधि नहीं है! सांसद और विधायक दोनों का दाईत्व भी बनता हैं। सवाल यह है कि, दोनों जन प्रतिनिधियों का कोई जिम्मेदार पार्टी के कार्यकर्ता का अभाव है। अन्यथा, “जल ही जीवन है” का पैगाम यहां दम नहीं तोड़ा होता ।