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घाटशिला : पारगाना माहाल ने स्व. हरेन्द्र नाथ मुर्मू के स्मारक मे माला पहना कर मानाया

रिपोर्ट : संजय कुमार दास

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परम्परागत स्वशासन व्यवस्था पूर्वी सिंहभूम माझी पारगाना माहाल के अध्यक्ष सह देश विचार सचिव एवं पारानिक बाबा श्री बाहादुर सोरेन के नेतृत्व में स्थान – घाटशिला फुलडुंगरी बस स्टेशन चौक में माझी पारगाना माहाल द्वारा देश पारगाना स्वर्गीय – हरेन्द्र नाथ मुर्मू जी की 21 वां पुण्य तिथि परम्परा रिति-रिवाज के अनुसार पुजा पाठ कर माला पहना कर मानाया गया।

साथ ही साथ उनके साथ केन्द्र पैसा कानून- 1996 को लागू करने के लिए दिल्ली राजघाट में 11 दिन अमर अश्वन मे बैठने वाले, पैसा कानून आन्दोलनकारीओं भारत जन आन्दोलनकारी अध्यक्ष- स्व. डा० बी० डी० शर्मा, माझी पारगाना माहाल के सर्व प्रथम धातशिला प्रखण्ड सचिव स्वठ ठाकुर प्रसाद सोरेन, श्याम सुन्दरपुर ठाकुरबाड़ी घाट पर गाना स्वर्गीय उदय हेम्ब्रम माझी बाबा, बारसा मार्डी माहाल सलाकर पूर्व विधायक स्व. बास्ता-घाट सोरेन पूर्व मंत्री यदुनाथ बास्के महा सचिव स्व. राम चन्द्र मुर्मु उन शहिदों को भी पुष्पा फुलमाला देकर याद किया गया ।

बाहादुर सोरेन ने कहा की आज भी शहिद हुए पेसा कानून आन्दोलनकारीओं की सपना अधुरी है। क्योंकि स्पष्ट रूप रूप अनुसूचित क्षेत्र अभिप्रेत है जो संविधान के अनुच्छेद – 244 के खंड (1) में निर्दिष्ट है। संविधान के भाग 9 के उपबंधों का जिसका उपबंध धारा 4 में किया गया है अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार किया जाता है। (क) पंचायतों के कोई राज्य विधान जो बनाया जाए, रुदीजन्य विधि, सामाजिक और धार्मिक प्रथाओं और समुदाय के संसाधनों की परम्परागत प्रध्दतियों के अनुरूप होगा। लेकिन बहुत ही दुभाग्य पूर्ण बात है कि आदिवासीओं की संथाल समाज को समुदाय में परम्परा से पारम्पारिक समाजिक आगुवा, माझी बाबा, पाशनिक बाबा नायके बाबा, गोडेत जग माझी, कुडाम नायके, आतु भोन्द्रान, गाँव मे होते हैं, और तरप, या पिढ़, मे तरप पारगाना, मुकाम, पारगाना घाट पारगाना, देश पारगाना, लोवीर, पारगाना, होता है जो सदियों पुराने परम्परा से प्रचलित रीति रिवाज के अनुसार मान्यता प्राप्त व्यक्ति है। झारखण्ड पैसा कानून नियमावली 2025 की अध्याय-(1) प्रारम्भिक 2. (ड.) में संथाल समुदाय के – परम्परा से प्रचलित रीति-रिवाज, के अनुसार मान्यता प्राप्त व्यक्ति – दो पद के माझी परगाना, की नाम सूची बोध किया है। जो यह सरा-सर गलत है यह संथाल समुदाय में कभी भी स्वीकार नहीं किया जाएगा जिससे हमारे सदियों से परम्परागत प्रचलित रीति-रिवाज के पारम्पारिक सामाजिक आगुवा की मान्यता पद खत्म किया जाए। हमारे झारखंड सरकार द्वारा बनानी गयी पेसा रूल्स-2025 की विरोध करने का मनशा नहीं है लेकिन हमारे समाज की पारम्परिक पद को खत्म करने की कोशिश किया जाएगा तो, विरोध जरूर होगा, केन्द्र पेसा कानून- 1996 की झारखण्ड में लागू किया जाए। पेसा कानून लागू करने के लिए आन्दोलन जारी रहेगा।

उपस्थित लोगों के नाम देश पारगाना स्थ० हरेन्द्र नाथ मुर्मू के जैठ -पुत्री बधु श्रीमती डोमनी मुर्मू,क्षमहा सचिव सुधीर कुमार सोरेन, डोमन चन्द्र सोरेन (माझी बाबा), बायला मार्डी, रायसेन मुर्मू, सुनाराम सोरेन, मोदन मुर्मु, कापरा मुर्मु, सुराई मुर्मु, आदि।

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