Spread the love

वात्सल्यम् 2026: सरला बिरला पब्लिक स्कूल में ग्रैंडपेरेंट्स डे का भव्य आयोजन

Advertisements
Advertisements

Arjun Kumar…✍️

नामकुम(रांची)। सरला बिरला पब्लिक स्कूल, रांची में ‘वात्सल्यम् 2026’ ग्रैंडपेरेंट्स डे का आयोजन आत्मीयता, उल्लास और कृतज्ञता के साथ किया गया। पहली और दूसरी कक्षा के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत कार्यक्रम की थीम ‘एडुवेरिस-शिक्षा का नया युग’ रही। कार्यक्रम में पीढ़ियों के अनुभव और ज्ञान को आधुनिक शिक्षा के बदलते स्वरूप से जोड़ते हुए परंपरा और नवाचार के संतुलन का संदेश दिया गया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इसके बाद विद्यार्थियों ने स्वागत गीत और नृत्य के माध्यम से सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। मैत्री बंधन समारोह में ग्रैंडपेरेंट्स और बच्चों के बीच प्रेम, स्नेह, देखभाल और जीवनानुभवों से जुड़े रिश्ते को भावपूर्ण ढंग से प्रदर्शित किया गया। हेड गर्ल ने विद्यालय की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए प्रमुख उपलब्धियों और महत्वपूर्ण पड़ावों की जानकारी दी। कार्यक्रम में संजय धर, कार्यकारी निदेशक, मानव संसाधन-एलएंडडी, सेल की विशेष उपस्थिति रही। उन्होंने कहा कि शिक्षा के नए दौर में आधुनिक दक्षताओं के साथ चिरस्थायी मानवीय मूल्यों का संतुलन जरूरी है। STEM शिक्षा, बहुभाषिकता, कला, खेल और तकनीक बच्चों की क्षमताओं का विस्तार करते हैं, वहीं ग्रैंडपेरेंट्स उनमें सहानुभूति, दृढ़ता, अपनत्व और सम्मान जैसे गुण विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न प्रस्तुतियों के माध्यम से आधुनिक शिक्षा की अवधारणा को जीवंत किया। दूसरी कक्षा के विद्यार्थियों ने ‘विज्ञान और सृजन’, ‘क्रिएटिव कॉसमॉस’ और ‘लिटिल लीडर्स’ के जरिए वैज्ञानिक सोच, कला-एकीकरण, रचनात्मकता और नेतृत्व क्षमता को प्रस्तुत किया। पहली कक्षा के विद्यार्थियों ने ‘मल्टीलिंगुअल मोमेंटम’, ‘विजन 2047: द एआई क्लासरूम’, ‘तरंग खेल की’ और ‘उम्मीदों की उड़ान’ के माध्यम से बहुभाषिक शिक्षा, एआई आधारित शिक्षा, खेल, STEM, नवाचार और विद्यार्थियों की आकांक्षाओं को प्रभावशाली ढंग से सामने रखा।
कार्यक्रम में आयोजित सावन उत्सव ने समारोह में रंग, उल्लास और सांस्कृतिक विविधता का सुंदर समावेश किया। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन और राष्ट्रगान के साथ हुआ। इस अवसर पर प्राचार्या मनीषा शर्मा ने कहा कि ‘एडुवेरिस’ का उद्देश्य बच्चों को भविष्य के लिए तैयार करना है, लेकिन उन्हें उन मूल्यों से दूर किए बिना, जो उनके व्यक्तित्व और पहचान को आकार देते हैं। विद्यालय ऐसे विद्यार्थियों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है, जो आधुनिक तकनीक के साथ सहज होने के साथ-साथ संवेदनशील, संस्कारवान और अपने परिवार से गहराई से जुड़े रहें। उन्होंने कहा कि बच्चों के जीवन में ग्रैंडपेरेंट्स के ज्ञान, स्नेह और मार्गदर्शन की महत्वपूर्ण भूमिका है। सार्थक शिक्षा तभी विकसित होती है, जब परंपरा और नवाचार एक-दूसरे को मजबूत करते हुए साथ आगे बढ़ें।

You missed