















चाकुलिया: जोहार भारत फाउंडेशन की ओर से रक्षाबंधन महोत्सव आयोजित कर पेड़ों को राखी बांधकर लिया जंगल संरक्षण का संकल्प
संवाददाता: विश्वकर्मा सिंह
चाकुलिया प्रखंड के भातकुंडा पंचायत अंतर्गत भालुकबिंदा के सुनसुनिया जंगल में गुरुवार को वन प्रबंधन एवं संरक्षण महासमिति और जोहार भारत फाउंडेशन की ओर से रक्षाबंधन महोत्सव का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का नेतृत्व पद्मश्री जमुना टुडू ने किया. मुख्य अतिथि के रूप में थाना प्रभारी राजेश कुमार तथा विशिष्ट अतिथि घाटशिला जिला परिषद सदस्य देवयानी मुर्मू, सेवानिवृत्त शिक्षिका विजया लक्ष्मी बेदुला एवं राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त सेवानिवृत्त खेल शिक्षक रामस्वरूप यादव शामिल हुए. कार्यक्रम में अतिथियों का महिलाओं ने गाजे-बाजे के साथ पारंपरिक तरीके से स्वागत किया. माथे पर तिलक लगाया गया, पुष्पवृष्टि की गई तथा साल के पत्तों से बनी टोपी पहनाकर अतिथियों का अभिनंदन किया गया. इसके बाद शंखध्वनि के बीच अतिथियों ने साल वृक्षों की आरती उतारी और पेड़ों पर रक्षा सूत्र बांधकर उनके संरक्षण का संकल्प लिया. रक्षाबंधन कार्यक्रम के बाद अतिथियों ने पौधरोपण किया. इस दौरान धमसा और मांदर की थाप पर उपस्थित लोगों ने पारंपरिक नृत्य भी किया.












मौके पर पद्मश्री जमुना टुडू ने कहा कि जंगल का संरक्षण होगा तो इसके साथ पशु-पक्षियों और जीव-जंतुओं का भी संरक्षण होगा. जंगल हमारे जीवन की रक्षा करते हैं, इसलिए जंगलों की रक्षा करना हम सभी का दायित्व है. उन्होंने कहा कि वे पेड़ों को भाई के समान मानकर उन्हें रक्षा सूत्र बांधती हैं और उनकी दीर्घायु की कामना करती हैं. जंगल है तो हम हैं. जंगलों के विनाश के कारण वन्यजीव भोजन और पानी की तलाश में गांवों की ओर रुख कर रहे हैं. उन्होंने लोगों से हर शुभ कार्य के अवसर पर कम से कम एक पौधा लगाने की अपील की.

घाटशिला जिला परिषद सदस्य देवयानी मुर्मू ने कहा कि जीवन में ऐसे कार्य करने चाहिए जिससे इतिहास बने. जंगल से छेड़छाड़ के कारण वन्यजीव जंगल से बाहर निकलकर उपद्रव कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि पद्मश्री जमुना टुडू ने संघर्ष के बल पर यह मुकाम हासिल किया है और सभी को उनसे प्रेरणा लेकर जंगल संरक्षण में अपनी भूमिका निभानी चाहिए. जंगल से हमें जीवन की अनेक आवश्यक चीजें मिलती हैं, इसलिए इसके संरक्षण के लिए सभी को समर्पित रहना होगा.

मुख्य अतिथि थाना प्रभारी राजेश कुमार ने कहा कि जंगल ही जीवन है और यह झारखंड की पहचान भी है. लोगों को जंगल के प्रति प्रेम रखते हुए इसके संरक्षण के लिए आगे आना चाहिए. उन्होंने अपील की कि हर परिवार बच्चे के जन्म पर कम से कम एक पौधा लगाए. साथ ही क्षेत्र में जंगल के महत्व की जानकारी देकर लोगों को जागरूक करें और पौधरोपण के लिए प्रेरित करें. उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयास से ही जंगल का संरक्षण संभव है.


इस मौके पर घाटशिला रेंजर सह एसीएफ विनोद कुमार, एएसआई पीतांबर मंडल, सुमित्रा महतो, मालती टुडू, माधवी महतो, अंजू महतो, सोमवारी मुर्मू, राधिका महतो, चंद्रमोहन मांडी, शंकर सोरेन, निमाई सोरेन, हेमावती महतो, बिंदु महतो, प्रमिला महतो, साधन मल्लिक, महादेव महतो, जमुना गोप, अपु दास, माया टुडू, मालावती टुडू, अंजली हेंब्रम समेत बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे.






