















चाकुलिया: मालीबोनी की पारंपरिक टोपी को देशभर में पहचान दिलाएंगी पद्मश्री जमुना टुडू
संवाददाता: विश्वकर्मा सिंह
चाकुलिया प्रखंड अंतर्गत सिमदी पंचायत के मालीबोनी गांव में जंगल बचाव अभियान की नायिका एवं पद्मश्री से सम्मानित जमुना टुडू ने शनिवार को दौरा कर महिलाओं से मुलाकात की. उन्होंने गांव की महिला समिति के सदस्यों के साथ बैठक कर उनके पारंपरिक स्वरोजगार और जंगल संरक्षण से जुड़े कार्यों की जानकारी ली. ज्ञात हो कि मालीबोनी गांव की महिलाएं जंगल से घूंघू पत्ता लाकर पारंपरिक रूप से टोपी तैयार करती हैं. इन टोपियों को चाकुलिया प्रखंड के विभिन्न मेलों और पर्व-त्योहारों में बेचकर महिलाएं अपने परिवार का भरण-पोषण करती हैं. ग्रामीणों के अनुसार, टोपी बनाने की यह परंपरा गांव में वर्षों से चली आ रही है. महिलाओं ने बताया कि इस पारंपरिक टोपी की एक खासियत यह भी मानी जाती है कि बरसात के मौसम में इसका इस्तेमाल बिजली गिरने के दौरान सुरक्षा के लिहाज से किया जाता है. इस पारंपरिक कला और महिलाओं के स्वरोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जमुना टुडू ने महिलाओं का उत्साह बढ़ाया.












बैठक के दौरान जमुना टुडू ने कहा कि मालीबोनी की इस पारंपरिक टोपी को केवल चाकुलिया प्रखंड तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए, बल्कि इसकी पहचान पूरे देश में बने. उन्होंने कहा कि इसके प्रचार-प्रसार के लिए न्यूज चैनलों के माध्यम से इसे देशभर तक पहुंचाने की जिम्मेदारी वह स्वयं लेंगी. इस पहल से महिलाओं में उत्साह देखने को मिला.
इस मौके पर नागेंद्र हेंब्रम, दशमत मांडी, बीरू सबर, जशमी हेंब्रम, मैनो हांसदा, दुली हेंब्रम, राजमणि टुडू, पनमानी सोरेन, झनो सोरेन, सोमबारी सोरेन, दुखनी सोरेन, सनमानी सोरेन आदि उपस्थित थे.






