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एनआईटी जमशेदपुर में जुटेंगी 13 राज्यों की 150 महिला नेतृत्वकर्ता,

महिला शिक्षा, भारतीय दृष्टि और सामाजिक परिवर्तन पर दो दिन होगा मंथन

रिर्पोटर : जगबंधु महतो

आदित्यपुर : महिला शिक्षा, नेतृत्व और सामाजिक परिवर्तन से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर राष्ट्रीय स्तर पर विमर्श के लिए एनआईटी जमशेदपुर में 9 और 10 सितंबर को राष्ट्रीय महिला नेतृत्व सम्मेलन-2026 का आयोजन होगा। शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास, नई दिल्ली के मार्गदर्शन में एनआईटी जमशेदपुर, श्रीनाथ विश्वविद्यालय एवं इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन, सरायकेला के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित सम्मेलन में 13 राज्यों से करीब 150 महिला शिक्षाविद, शैक्षणिक संस्थानों की पदाधिकारी एवं विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली महिला नेतृत्वकर्ता शामिल होंगी।

सम्मेलन में महिला शिक्षा, भारतीय ज्ञान एवं परंपरा, संस्कार एवं मूल्य, सामाजिक परिवर्तन तथा महिलाओं के सामने मौजूद समकालीन चुनौतियों पर विशेषज्ञ विचार-विमर्श करेंगे। आयोजकों का कहना है कि सम्मेलन का उद्देश्य महिला सशक्तीकरण के साथ शिक्षा और नेतृत्व के माध्यम से सामाजिक एवं राष्ट्रीय विकास में महिलाओं की भूमिका को मजबूत करना है।

सम्मेलन का उद्घाटन 9 सितंबर को दोपहर 12 बजे होगा। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की सदस्य डॉ. आशा लकड़ा मुख्य अतिथि होंगी। एनआईटी जमशेदपुर के निदेशक प्रो. गौतम सूत्रधार विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज के महासचिव एवं शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. पंकज मित्तल करेंगे।

पहले दिन “21वीं सदी की महिला शिक्षा : संस्कार, मूल्य और सामाजिक परिवर्तन” तथा “महिला शिक्षा—परंपरा, प्रासंगिकता और पाठ्यक्रम की भारतीय दृष्टि” विषय पर सत्र होंगे। दूसरे दिन महिला शिक्षा के ऐतिहासिक एवं सामाजिक परिप्रेक्ष्य तथा “समकालीन चुनौतियां और समाधान” पर चर्चा होगी। अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज एवं जमशेदपुर की डीएसपी अरुणा मिश्रा भी एक सत्र में मुख्य वक्ता होंगी।

सम्मेलन के समापन सत्र में झारखंड राज्य सूचना आयोग के सूचना आयुक्त शिवपूजन पाठक मुख्य अतिथि तथा रांची विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सरोज शर्मा विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगी।

आयोजन को लेकर हुई प्रेस वार्ता में कार्यक्रम संयोजिका एवं कोल्हान विश्वविद्यालय की पूर्व कुलपति डॉ. शुक्ला महंती सहित आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने सम्मेलन की तैयारियों की जानकारी दी। आयोजकों ने इसे झारखंड और जमशेदपुर के लिए महत्वपूर्ण राष्ट्रीय आयोजन बताते हुए समाज के सभी वर्गों से सहयोग की अपील की।