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आईसीसीआई-2026 में द्वितीय पुरस्कार एवं आईबीएम राष्ट्रीय हैकाथॉन में पूर्वी क्षेत्र के बने विजेता

Arjun Kumar…..✍️

नामकुम(राँची) । सरला बिरला विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने नवाचार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और तकनीकी दक्षता के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर विश्वविद्यालय का गौरव बढ़ाया है। विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने एक ओर विद्यार्थी नवाचार प्रदर्शनी – आईसीसीआई-2026 में अपने अभिनव प्रोजेक्ट “ई-फॉग कलेक्टर” के लिए द्वितीय पुरस्कार प्राप्त किया, वहीं दूसरी ओर बीटेक कंप्यूटर विज्ञान एवं अभियांत्रिकी के विद्यार्थियों की टीम “कैफीन कोड” ने आईबीएम राष्ट्रीय हैकाथॉन-2026 के पूर्वी क्षेत्र में विजेता का खिताब हासिल किया। सरला बिरला विश्वविद्यालय की दो टीमों ने विद्यार्थी नवाचार प्रदर्शनी – आईसीसीआई-2026 में हिस्सा लिया। इस प्रदर्शनी का आयोजन बीआईटी मेसरा के कंप्यूटर विज्ञान एवं अभियांत्रिकी विभाग द्वारा किया गया था। एसबीयू की एक टीम ने अपने अभिनव प्रोजेक्ट “ई-फॉग कलेक्टर” के लिए द्वितीय पुरस्कार प्राप्त किया । “ई-फॉग कलेक्टर” परियोजना आयनिक पवन तकनीक के माध्यम से कोहरे से जल संग्रहण की अवधारणा पर आधारित है। यह परियोजना जल संरक्षण और पर्यावरणीय चुनौतियों के समाधान की दिशा में विद्यार्थियों की रचनात्मक एवं वैज्ञानिक सोच को प्रदर्शित करती है। विजेता टीम में निखिल शर्मा (बीटेक, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संचार अभियांत्रिकी), आयुष राज (बीटेक, कंप्यूटर विज्ञान एवं अभियांत्रिकी) एवं आयुष कुमार सुमन (बीटेक, कंप्यूटर विज्ञान एवं अभियांत्रिकी) शामिल थे। टीम का मार्गदर्शन डॉ. अविनाश कुमार, सह-प्राध्यापक, कंप्यूटर विज्ञान एवं अभियांत्रिकी विभाग, सरला बिरला विश्वविद्यालय ने किया। एसबीयू के लिए एक और गौरवपूर्ण उपलब्धि के रूप में बीटेक कंप्यूटर विज्ञान एवं अभियांत्रिकी के चार विद्यार्थियों की टीम “कैफीन कोड” ने आईबीएम राष्ट्रीय हैकाथॉन-2026 के पूर्वी क्षेत्र में विजेता का खिताब हासिल किया। आईबीएम द्वारा आयोजित यह प्रतियोगिता 11 से 13 सितंबर 2026 तक श्री रामकृष्ण कला एवं विज्ञान महाविद्यालय, कोयंबटूर में आयोजित की गई। विजेता टीम में रिया कुमारी, रिसु कुमारी, शानवी अग्रवाल और अमन कुमार शामिल थे। टीम ने “बेहतर ग्रामीण स्वास्थ्य सेवा के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता” विषय पर आधारित चुनौती के समाधान के रूप में “ग्रामस्वास्थ्य एआई – ग्रामीण स्वास्थ्य सेवा बुद्धिमत्ता मंच” विकसित किया। यह मंच कृत्रिम बुद्धिमत्ता के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी और सुलभ बनाने की दिशा में एक अभिनव प्रयास है। टीम ने डॉ. मनोज पांडेय, सह-प्राध्यापक, के मार्गदर्शन में प्रतियोगिता में भाग लिया। विद्यार्थियों को इस राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के लिए तैयार करने में डॉ. प्रियंका श्रीवास्तव, विभागाध्यक्ष, कंप्यूटर विज्ञान एवं अभियांत्रिकी विभाग; डॉ. पंकज कुमार गोस्वामी, डीन, अभियांत्रिकी संकाय; श्री आनंद कुमार विश्वकर्मा, संकाय सदस्य तथा श्री ऋषभ कुमार, प्रशिक्षण एवं नियोजन प्रकोष्ठ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
विवि के विद्यार्थियों की इन उपलब्धियों पर विश्वविद्यालय के  प्रतिकुलाधिपति  बिजय कुमार दलान,  महानिदेशक प्रो. गोपाल पाठक, कुलपति प्रो. सी. जगनाथन एवं  राज्यसभा सांसद सह निदेशक, प्लानिंग एंड डेवलपमेंट डॉ. प्रदीप कुमार वर्मा ने सभी विजेता विद्यार्थियों, उनके मार्गदर्शकों, एवं शिक्षकों को शुभकामनाएं दी है।