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सांस्कृतिक कार्यक्रम का इचागढ़ विधायक सविता महतो ने पिता काट कर उद्घाटन किया

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चांडिल  संवाददाता की रिपोर्ट

चांडिल (सरायकेला–खरसावां) ।  जिले के चांडिल प्रखंड अंतर्गत भूईंयांडीह गांव में आयोजित तीन दिवसीय सांस्कृतिक महोत्सव पूरे उत्साह और उल्लास के साथ जारी है। महोत्सव के दूसरे दिन शुक्रवार, 26 दिसंबर को ईचागढ़ विधानसभा की लोकप्रिय विधायक सविता महतो ने फीता काटकर कार्यक्रम का भव्य उद्घाटन किया। उनके आगमन से पूरे मेला परिसर में उत्सव का माहौल और भी जीवंत हो उठा। उद्घाटन समारोह के दौरान मंच संचालन कर रहे झामुमो केंद्रीय सदस्य सह पूर्व जिला परिषद ओम लायेक ने विधायक सविता महतो का मुख्य अतिथि के रूप में स्वागत किया और भूईंयांडीह ग्रामवासियों की ओर से उनका अभिनंदन किया। इसके पश्चात जिला परिषद सदस्य पिंकी लायेक को मंच पर आमंत्रित किया गया, जिन्होंने विधायक सविता महतो को गुलदस्ता भेंट कर सम्मानपूर्वक स्वागत किया। अपने संबोधन में विधायक सविता महतो ने कहा कि इस तरह के सांस्कृतिक आयोजनों से लोककला, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षण मिलता है। ऐसे आयोजन समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं और नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ते हैं। उन्होंने कहा कि भूईंयांडीह का यह सांस्कृतिक महोत्सव वर्षों से लगातार आयोजित हो रहा है, जो क्षेत्र की सामाजिक एकता और समृद्ध लोकसंस्कृति का जीवंत उदाहरण है। विधायक ने मेला देखने आए लोगों को क्रिसमस एवं आगामी नववर्ष की शुभकामनाएं दीं। साथ ही मेला समिति की सराहना करते हुए कहा कि हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी आयोजन शांतिपूर्ण एवं अनुशासित तरीके से किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से मेला का भरपूर आनंद लेने और सुरक्षित अपने घर लौटने की अपील की। इस दौरान दोपहिया वाहन चालकों से हेलमेट पहनने तथा सभी वाहन चालकों से नियंत्रित गति में वाहन चलाने का भी आग्रह किया। सांस्कृतिक कार्यक्रम के तहत ओडिशा के मयूरभंज से आए झूमर सम्राट दीपक महतो एवं उनकी टीम ने पारंपरिक झूमर नृत्य और संगीत की शानदार प्रस्तुति दी, जिस पर दर्शक झूम उठे। इसके अलावा हिंदी, राढ़ बंगला, नागपुरी, संबलपुरी, ओड़िया एवं संथाली गीतों पर रंगारंग प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया। मेले के दौरान पारंपरिक मुर्गा पाड़ा का भी आयोजन किया गया, जिसे ग्रामीण अपने पूर्वजों से चली आ रही परंपरा बताते हैं। दूर-दराज से आए ग्रामीण पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ सजे-धजे मुर्गों के साथ पाड़ा में भाग लेते नजर आए, जिससे मेला और भी आकर्षक बन गया। कार्यक्रम में झामुमो केंद्रीय सदस्य सह पूर्व जिला परिषद ओम प्रकाश लायेक, जिला परिषद सदस्य पिंकी लायेक, दिलीप महतो, शिवशंकर लायेक, ग्राम प्रधान अरविंद कुमार तंतुवाई,, ग्राम प्रधान आनंद सिंह सरदार, निमाई महतो, बादल महतो सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और सांस्कृतिक प्रेमी उपस्थित रहे। आयोजन समिति की ओर से सभी अतिथियों का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया।
सार्वजनिक मेला समिति के अनुसार यह तीन दिवसीय सांस्कृतिक महोत्सव 27 दिसंबर को समापन समारोह के साथ संपन्न होगा। आयोजन को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह, उमंग और सांस्कृतिक रंग बिखरा हुआ है।

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