
राज्य में बिजली-पानी समस्या व ध्वस्त कानून व्यवस्था के विरुद्ध भाजपा का आक्रोश प्रदर्शन कार्यक्रम आयोजित

भाजपा कार्यकर्ताओं ने सिर पर मटका लेकर शहर भर में निकाला पैदल मार्च; राज्य सरकार के खिलाफ की जोरदार नारेबाजी
झारखंड में आज अराजकता, भ्रष्टाचार और तुष्टिकरण की सरकार; राज्य में कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त – राज पलिवार
दुमका संवाददाता- मौसम गुप्ता 
दुमका : भारतीय जनता पार्टी दुमका द्वारा मंगलवार को राज्य में व्याप्त भीषण बिजली संकट, पेयजल समस्या एवं ध्वस्त कानून व्यवस्था के विरोध में जिला मुख्यालय स्थित धरना मैदान (समाहरणालय के बगल में) में भाजपा जिलाध्यक्ष रूपेश मंडल के नेतृत्व में आक्रोश प्रदर्शन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में झारखंड के पूर्व मंत्री राज पलिवार मुख्य रूप से उपस्थित रहे। मंच संचालन जिला महामंत्री बिमल मरांडी ने किया।
सभा को संबोधित करते हुए राज पलिवार ने हेमंत सरकार पर जोरदार हमला बोलते हुए कहा कि झारखंड में आज अराजकता, भ्रष्टाचार और तुष्टिकरण की सरकार चल रही है। राज्य की जनता बिजली,पानी और सुरक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रही है, जबकि सरकार सत्ता बचाने और भ्रष्टाचार में डूबी हुई है। उन्होंने कहा कि हेमंत सरकार ने झारखंड को लूट, अपराध और अव्यवस्था का अड्डा बना दिया है।
राज पलिवार ने कहा कि दुमका सहित पूरे राज्य में अघोषित बिजली कटौती से आम जनता त्राहिमाम कर रही है। गांवों में अधिकांश चापाकल खराब पड़े हैं, जिसके कारण ग्रामीण महिलाएं कोसों दूर पैदल चलकर नदी और डोभा से दूषित पानी लाने को मजबूर हैं। भीषण गर्मी में जनता बूंद-बूंद पानी के लिए संघर्ष कर रही है,लेकिन सरकार के मंत्री एसी कमरों में बैठकर झूठे दावे कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि झारखंड में कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं और आम जनता भय के साये में जी रही है। थानों में फोन करने पर थाना प्रभारी फोन तक नहीं उठाते हैं। यह सरकार प्रशासन चलाने में पूरी तरह फेल साबित हुई है। हेमंत सरकार के शासन में अपराधियों का मनोबल बढ़ा है और आम जनता का भरोसा प्रशासन से खत्म हो चुका है।
देवेंद्र कुंवर ने कहा कि राज्य सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है। बिजली-पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं भी जनता को उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में कई-कई घंटे बिजली गायब रहती है और पेयजल संकट से आम लोग परेशान हैं। सरकार केवल विज्ञापन और बयानबाजी में व्यस्त है।
भाजपा जिलाध्यक्ष रूपेश मंडल ने कहा कि दुमका सहित पूरे राज्य में पुलिस व्यवस्था चौपट हो चुकी है। जनता अपनी शिकायत लेकर थाने जाती है, लेकिन सुनवाई नहीं होती। उन्होंने कहा कि हेमंत सरकार जनता का विश्वास पूरी तरह खो चुकी है। भाजपा जनता के हक और अधिकार के लिए सड़क से सदन तक संघर्ष करती रहेगी।
आक्रोश प्रदर्शन के उपरांत भाजपा कार्यकर्ताओं ने सिर पर मटका लेकर शहर भर में पैदल मार्च निकाला तथा राज्य सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। यह पैदल मार्च टीन बाजार होते हुए समाहरणालय पहुंचा,जहां आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने मटका फोड़कर राज्य सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।
मटका फोड़ने के उपरांत भाजपा के प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से भाजपा नेताओं ने मांग की कि राज्य में बिजली की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, बढ़े हुए बिजली दर को अविलंब वापस लिया जाए तथा जले हुए ट्रांसफार्मरों को शीघ्र बदला जाए। साथ ही आम आदमी को बिजली बिल के नाम पर परेशान करना बंद किया जाए तथा फर्जी एवं अत्यधिक राशि वाले बिजली बिलों की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की जाए। भाजपा नेताओं ने सभी बंद पड़े चापाकलों की युद्धस्तर पर मरम्मती कराने, नल-जल योजना को शीघ्र पूर्ण करने तथा जहां पाइपलाइन बिछ चुकी है वहां नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की।इसके अतिरिक्त अस्पताल, छात्रावास एवं अन्य आवश्यक संस्थानों में बिजली एवं पेयजल की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने की भी मांग की गई।भाजपा नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार शीघ्र बिजली, पेयजल एवं कानून व्यवस्था की स्थिति में सुधार नहीं करती है तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। कार्यक्रम में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अभयकांत प्रसाद,पूर्व जिला निवास मंडल,गौरव कांत,मनोज साह,पूर्व प्रदेश मंत्री रविकांत मिश्रा, अमिता रक्षित, जीतलाल राय, जयप्रकाश मंडल, पवन केसरी, सोनी हेमब्रम,मृणाल मिश्रा,गुंजन मरांडी, पिंटू अग्रवाल, नवल किस्कू, मार्शल ऋषिराज टुडू, विश्वनाथ राय, गायत्री जायसवाल, नीतू झा, नलिन मंडल, धर्मेंद्र सिंह, पंकज वर्मा, हेमंत शाह, विद्युत वरण मंडल, गणेश राय, अभिजीत सुमन, विमान सिंह अजय सिंह, गणपति पाल, मनीष कुमार, सुजीत यदुवंशी, सहदेव मरांडी नंदकिशोर मंडल, महेंद्र मंडल, नवल किशोर मांझी भोला मांझी, रमेश देहरी, राजू दर्वे रामजस मांझी, सुभाष यादव, दिनेश कापरी, सुबोध मंडल, मिथिलेश झा, पूनम देवी, दिनेश सिंह, दीपांशु कोचगेव, गोपीनाथ दत्ता, राम अवतार भालोटिया, पंकज झा सहित हजारों कार्यकर्ता मौजूद थे|

