Advertisements
Spread the love

चाकुलिया: शान्ति देवी सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में मनाया गया संविधान निर्माता डॉ भीमराव अंबेडकर की जयंती

संवाददाता: विश्वकर्मा सिंह
चाकुलिया नगर पंचायत क्षेत्र स्थित शान्ति देवी सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में सोमवार को संविधान निर्माता डॉ भीमराव अंबेडकर की जयंती मनाई गई. कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय के प्रधानाचार्य कमला कांत प्रमाणिक ने बाबा साहब की मूर्ति पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर किया. विद्यालय के विद्यार्थी सुभदीप दास, आराध्या शाह, मिस्टी नाथ, शीतल गोप ने बाबा साहब की जीवनी पर प्रकाश डाला. विद्यालय की दीदीजी पिंकी घोष ने बाबा साहब के ऊपर एक कविता पाठ की.

विद्यालय के प्रधानाचार्य कमला कांत प्रमाणिक ने कहा कि आज भी भारत में सामाजिक विषमता, जातीय भेदभाव और आर्थिक असमानता जैसी समस्याएं मौजूद हैं. डॉ. भीमराव अंबेडकर का यह कहना बिल्कुल सही था कि ‘किसी समाज की उन्नति को उस समाज में महिलाओं और कमजोर वर्गों की स्थिति देखकर समझा जा सकता है’. यदि हम एक समानता वाले समाज की स्थापना करना चाहते हैं तो हमें उनके विचारों को अपनाना होगा. डॉ. भीमराव अंबेडकर का जीवन यह सिखाता है कि शिक्षा और संगठन शक्ति का उपयोग कर कोई भी व्यक्ति समाज की दिशा बदल सकता है. उनके विचार आज भी युवाओं के लिए प्रेरणादायक हैं. राजनीति और समाज के बारे में बाबा साहब भीमराव अंबेडकर ने कहा था- ‘राजनीतिक अत्याचार की तुलना में सामाजिक अत्याचार अधिक क्रूर होता है. डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती केवल एक महापुरुष के जन्मदिवस के तौर पर याद नहीं रखी जानी चाहिए, बल्कि यह सामाजिक न्याय, समानता और समावेशिता की भावना का उत्सव होना चाहिए. डॉ. अंबेडकर ने जीवन भर छुआछूत, जातिवाद और भेदभाव के खिलाफ संघर्ष किया. उन्होंने ‘बहिष्कृत हितकारिणी सभा’ की स्थापना की जो दलितों के अधिकारों की रक्षा हेतु काम करती थी. उन्होंने ‘मूकनायक’ और ‘बहिष्कृत भारत’ जैसे पत्रों के माध्यम से समाज को जागरूक भी किया. इस मौके पर आचार्य मनोज महतो, अरुण महतो, गौरहरि दास, विकास महतो, हरिपद महतो, तापस बेरा, शांतनु घोष, दिलीप महतो, सुजीत मैती, लक्ष्मी सिंह, बंदना दास, मनीषा महतो, बिपाशा महतो, नमिता राउत, कल्पना महतो, डोली कर, सीमा पांडे, सोनाली दास समेत अन्य मौजूद थे.

You missed