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चाकुलिया: जंगली हाथी, संदिग्ध लोगों का विचरण एवं अंधेरी रात में ड्रोन देखें जाने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल

संवाददाता विश्वकर्मा सिंह
चाकुलिया प्रखंड के ग्रामीण इलाकों में जंगली हाथी, संदिग्ध लोगों का विचरण एवं अंधेरी रात में ड्रोन देखें जाने से ग्रामीण जीवन में दहशत और भय का माहौल बनीं हुईं हैं. लेकिन प्रशासन मौन है. परिस्थिति के मद्देनजर पारंपरिक ग्राम प्रधान संघ ने ग्रामीणों को सतर्क और सावधानी बरतनी का आह्वान किया है.

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इस दौरान पारंपरिक ग्राम प्रधान संघ पूर्वी सिंहभूम जिले के अध्यक्ष अरूण बारिक ने बताया कि पश्चिमी बंगाल सीमा से सटे पूर्वी सिंहभूम जिले के गांव में पिछले सप्ताह से संदिग्ध लोगों का विचरण करने का खबर फैला हुआ है. कई गांव में अंधेरी रातों में नकाबपोश संदिग्ध महिला एवं पुरुष वाहन से घुमते देखें गये. इसके बाद ग्रामीणों ने अपनी गांव में रात्रि प्रहरी शुरू किया. ग्रामीणों की सजगता के बाद संदिग्ध लोगों का विचरण लगभग कम हुई है, लेकिन संदिग्ध गतिविधियां रूकी नहीं है. शाम के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में ड्रोन देखें जा रहे हैं. इससे ग्रामीणों में आंशका और बढ़ गई कि यह कौन सा हरक़त है.

उन्होंने आंशका व्यक्त करते हुए कहा कि कोई शक्तिशाली असमाजिक तत्वों का गतिविधियां है. इससे सतर्क और सावधानी बरतनी की आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि विभिन्न गांव के ग्राम प्रधानों ने बताया है कि संदिग्ध लोगों का विचरण और आसमान में ड्रोन दिखाई देता है. इससे ग्रामीण जीवन में दहशत और भय का माहौल बना हुआ है. लोगों ने रातजगा कर रात्रि बीता रहे हैं.

ग्राम प्रधानों का अध्यक्ष ने चिंता जाहिर करते हुए कहा कि ग्रामीण वर्षों से जंगली हाथियों के उत्पात से परेशान हैं. वही संदिग्ध गतिविधियां से परेशान हैं. इस सम्बन्ध में प्रशासन एवं पुलिस की कोई पहल नजर नहीं आ रही है. पिछले दिनों चाकुलिया थाना परिसर में आयोजित शांति समिति की बैठक में इस मामले को मुखिया एवं ग्राम प्रधानों ने इस मुद्दे को उठाया था. लेकिन प्रशासन द्वारा इसे गंभीरता से नहीं लिया गया. गांव के लोग आंतक की माहौल में रह रहे हैं. बच्चों को बाहर खेलने कुदने के लिए नहीं छोड़ी जा रही है.

उन्होंने प्रशासन से मांग किया कि अज्ञात गतिविधियों का जांच कर उचित पहल करें. ग्रामीण इलाकों में व्याप्त दहशत एवं भय का माहौल को सामान्य परिस्थिति में लाने की आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि समय रहते उचित पहल नहीं हुई तो भविष्य में अप्रिय संदेश मिले तो इसका जिम्मेदार कौन होगें. इसलिए प्रशासन को अविलंब जांच कर वस्तुस्थिति को स्पष्ट करें, ताकि ग्रामीण जीवन में सामान्य माहौल बन सके.

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