किसानों मे पानी के लिए त्रहीमाम, नहर में अभिलंब पानी छोड़ा जाए: लखन मार्डी …
घाटशिला (दीपक नाग, झारखंड हेड) झारखंड राज्य के किसानो को हमेशा से आसमान पर आश्रित होना पड़ा है । स्वर्ण रेखा बहुउद्देशीय परियोजना किसानों के लिए “मुंगेरीलाल की हंसीन सपने साबित होता रहा है । जल, जंगल और जमीन पर बात करने वाले किसानों के जरूरतों को एक बार समझने का प्रयास किया होता तो हरीत क्रांति झारखंड मे वर्षो पहले ही आ गया होता ।
झारखंड को बने 23 साल पुरा होने जा रहा है, इन 23 वर्षों मे सत्ता परिवर्तन तो होता रहा पर व्यवस्था परिवर्तन हो न सका । ढाक के तीन पात बन कर रह गया । 2024 के चुनाव को देखते हुए पुरे देश मे भाजपा के नेता – कार्यकर्ता जन-जन तक संपर्क साधने का कार्य पहले ही सुरू कर चुका है । इसी क्रम मे भारतीय जनता पार्टी, घाटशिला विधानसभा पूर्व प्रत्याशी लखन मार्डी अपने समर्थकों के साथ आज घाटशिला प्रखंड के दामपड़ा क्षेत्र का सघन दौरा किया ।
चाकदोहा, बांकी आदि गांव के किसानों से रूबरू हुए । उनकी समस्या को सुना । नहर और खेतों को के हालत देखा । सुखे नाले-तालाब के भरोसे कृषी कार्य नही चल सकता है । किसानों का मुख्य समस्या खेत में सिंचाई के पानी का अभाव है । जल की कमी के कारण किसान धान चारा तैयार नही कर सका । मंनसुन से धोखा खाने के बाद किसान हमास हो कर बैठा है । श्री मार्डी ने किसानों के हाल को गहराई से समझने की कोशिश किया, क्योंकि, वह भी एक किसान परिवार से है ।लखन मार्डी ने क आ कि, बरसात के पानी के अभाव में किसान परिवार परेसान। क्षेत्र के किसान लगभग 10 साल से नहर का पानी पर आश्रित हैं प्रति वर्ष 30 जून से पहले ही नहर में पानी छोड़ दिया जाता था। जिसके कारण किसानों के खेत में कृषि कार्य प्रारंभ हो जाता था ।
इस साल बारिश भी कम हो रही है दूसरी और झारखंड सरकार के द्वारा ध्यान नहीं दिया जा रहा है नहर में पानी नहीं छोड़ा जा रहा है जिसके कारण किसान त्राहिमाम है किसानों का मांग है कि अभिलंब नहर में पानी छोड़ा जाए ताकि कृषि कार्य प्रारंभ हो सके । श्री मार्डी ने जमशेदपुर के भाजपा सांसद विद्युत वरण महतो को क्षेत्र के किसानों की समस्याओं के बारे मे जानकारी दिया ।
स्वर्णरेखा विभाग के मुख्य अभियंता और कार्यपालक अभियंताओं से बात करके लिये उनसे आग्रह किया । ताकि, सुखाड़ की स्थिति को ध्यान में देते हुए अविलंब नहर में पानी छोड़ा जाए। इस परे दौरे मे लखन मार्डी के साथ में दामपड़ा मंडल अध्यक्ष मुकेश भगत, नन्दलाल भगत, दीपक कर्मकार, साघु महतो, सुबलुं सोरेन, सौरव कुमार हांसदा, मोहन चंद्र हेंब्रम, किशन सोरेन, दिलीप बाग्ती, ताराश सोरेन, जगन्नाथ धल, मासां सोरेन, रोहित माहतो उपस्थित थे।
