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गम्हरिया में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया गया हूल दिवस, सिद्धू-कान्हू के बलिदान को किया गया नमन

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रिपोर्टर – जगबंधु महतो

युवाओं को इतिहास से सीख लेकर अधिकारों के प्रति जागरूक होने का आह्वान, बच्चों के बीच बांटे गए लड्डू

 

गम्हरिया : सरायकेला जिले के गम्हरिया प्रखंड स्थित ऊषा मोड़ के संथाल सरना उमूल परिसर में सोमवार को झारखंड मुक्ति मोर्चा की ओर से हूल दिवस श्रद्धा, सम्मान और उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता झामुमो गम्हरिया प्रखंड अध्यक्ष भोमरा माझी ने की। इस अवसर पर सिद्धू-कान्हू के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर तथा अगरबत्ती जलाकर उनके अद्वितीय बलिदान को श्रद्धापूर्वक याद किया गया। वहीं माई नर्सरी प्ले स्कूल के बच्चों के बीच लड्डू वितरित कर कार्यक्रम को सामाजिक सरोकार से भी जोड़ा गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रखंड अध्यक्ष भोमरा माझी ने कहा कि हूल दिवस केवल एक स्मरण दिवस नहीं, बल्कि आदिवासी समाज के स्वाभिमान, संघर्ष और वीरता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सिद्धू-कान्हू ने अंग्रेजी शासन के अत्याचारों के विरुद्ध साहसिक संघर्ष कर स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा दी। उनका बलिदान आज भी समाज और युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बना हुआ है।
उन्होंने युवाओं से हूल आंदोलन के इतिहास और सिद्धू-कान्हू के संघर्ष को जानने तथा अन्याय और शोषण के खिलाफ जागरूक रहने का आह्वान किया। साथ ही समाज में एकता, भाईचारा और महापुरुषों के आदर्शों पर चलकर अपने अधिकारों की रक्षा के लिए संगठित रहने की अपील की।
कार्यक्रम में माई नर्सरी प्ले स्कूल की प्रिंसिपल रेनू पांडे, राजेश पांडे, उदय मार्डी, शंकर मुखी, शंकर माड़ी सहित झामुमो के कई कार्यकर्ता, ग्रामीण एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने सिद्धू-कान्हू के बलिदान को नमन करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने और हूल आंदोलन की गौरवशाली विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।