
जमशेदपुर डेयरी में कर्मी की मौत पर परिजनों का फूटा गुस्सा, हत्या का केस दर्ज करने की मांग


रिपोर्टर – जगबंधु महतो
‘न्याय नहीं मिला तो 1 जुलाई से कंपनी गेट होगा जाम’, मृतक रविन्द्र नाथ ठाकुर के परिवार ने दी आंदोलन की चेतावनी
गम्हरिया : जमशेदपुर डेयरी ( सुधा दूध कंपनी) में कार्यरत 59 वर्षीय कर्मी रविन्द्र नाथ ठाकुर की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। मृतक की पत्नी तारा देवी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कंपनी प्रबंधन और संबंधित ठेकेदार पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, हत्या का मुकदमा दर्ज करने तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। परिजनों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो 1 जुलाई 2026 से कंपनी के मुख्य द्वार पर अनिश्चितकालीन जाम एवं आंदोलन शुरू किया जाएगा।
मृतक के पुत्र चंदन ठाकुर का आरोप है कि 17 जून को ड्यूटी के दौरान उनके पिता की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। उनका कहना है कि उस समय कंपनी प्रबंधन ने तत्काल समुचित चिकित्सा व्यवस्था करने के बजाय उन्हें शाम को घर भेज दिया। इसके बाद परिजनों ने उन्हें पहले ईएसआई अस्पताल, फिर टीएमएच और बाद में रिम्स में भर्ती कराया, जहां 21 जून को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। परिवार का दावा है कि चिकित्सकों ने शरीर में किसी जहरीले पदार्थ के प्रभाव की आशंका जताई थी। हालांकि, इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
चंदन ठाकुर ने कहा कि यदि समय रहते कंपनी प्रबंधन उचित इलाज कराता तो शायद उनके पिता की जान बच सकती थी। उन्होंने कंपनी प्रबंधन, संबंधित ठेकेदार और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने की मांग दोहराई।
सामाजिक कार्यकर्ता रश्मि भेंगरा ने कहा कि परिजनों ने कई बार कंपनी प्रबंधन से बातचीत का प्रयास किया, लेकिन कोई संतोषजनक समाधान नहीं निकला। उन्होंने मृतक परिवार को उचित मुआवजा, एक आश्रित को स्थायी नौकरी और निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि प्रशासन ने जल्द हस्तक्षेप नहीं किया तो आंदोलन को व्यापक जनसमर्थन दिया जाएगा। मृतक की पत्नी ने यह भी बताया कि परिवार की एक बेटी दिव्यांग है, जिससे परिवार की आर्थिक और सामाजिक कठिनाइयाँ और बढ़ गई हैं।

