
गलती के बाद सुधार की राह: गांधी जयंती पर 11 बंदियों को मिला जेल अदालत का लाभ
Arjun Kumar….✍️
राँची । गांधी जयंती के अवसर पर बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा, होटवार, रांची में जेल अदालत-सह-विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। झालसा के कार्यपालक अध्यक्ष सुजीत नारायण प्रसाद के निर्देश पर, सदस्य सचिव रंजना अस्थाना तथा न्यायायुक्त-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा), रांची अनिल कुमार मिश्रा-1 के मार्गदर्शन में और डालसा सचिव राकेश रौशन के नेतृत्व में कार्यक्रम आयोजित हुआ।
विभिन्न न्यायालयों में लंबित मामलों के निष्पादन के लिए जेल में संसीमित 21 बंदियों के आवेदन जेल अदालत के लिए प्रस्तुत किए गए थे। इनमें से 11 बंदियों को जेल अदालत का लाभ प्रदान किया गया।
बंदियों को दी गई कानूनी जानकारी
जेल अदालत-सह-विधिक जागरूकता शिविर में बंदियों को नालसा एवं झालसा की ओर से संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई। साथ ही जिला विधिक सेवा प्राधिकार, रांची की भूमिका, उपलब्ध विधिक सहायता और बंदियों के कानूनी अधिकारों के बारे में विस्तार से बताया गया।
स्वास्थ्य जांच और भोजन की गुणवत्ता परखी
कार्यक्रम के दौरान बंदियों के लिए चिकित्सीय शिविर लगाया गया, जिसमें उनके स्वास्थ्य की जांच की गई। इसके अलावा जेल की रसोई का निरीक्षण कर बंदियों को उपलब्ध कराए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता भी परखी गई।
मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एस.बी. शर्मा की अध्यक्षता में न्यायिक दंडाधिकारियों ने भोजन की गुणवत्ता की जांच की और जहां कमियां पाई गईं, उन्हें तत्काल दूर करने का निर्देश दिया।
डालसा सचिव राकेश रौशन ने कहा कि बंदियों के स्वास्थ्य की समय-समय पर जांच जरूरी है। इससे गंभीर बीमारियों की समय रहते पहचान कर उनका उपचार कराया जा सकता है। उन्होंने जेल परिसर में साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने पर भी जोर दिया।
कार्यक्रम में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एस.बी. शर्मा, डालसा सचिव राकेश रौशन, न्यायिक दंडाधिकारी सार्थक शर्मा, अभिषेक श्रीवास्तव, भूपेश चंद्र सामद, रेलवे न्यायिक दंडाधिकारी विजय कुमार यादव, काराधीक्षक कुमार चंद्रशेखर, कारापाल लवकुश कुमार, बड़ा बाबू मोहम्मद सद्दाम हुसैन, सत्येंद्र कुमार, एलएडीसीएस के सदस्य, काराकर्मी एवं बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा के बंदी उपस्थित रहे।
