कुड़मी जाती के विशेष पर्व बांदना पर मादर की थाप से झुमा पूरा गाँव…
सरायकेला। राजनगर के भुंईयानाचना गाँव में बांदना परब बड़ी धूम धाम से मानते हुए देखा गया. बता दें कि बांदना परब कुड़मी जाति तीन दिन तक मानते है. वहीं ग्रामीण दिनेश महतो ने बताया कि यह परब तीन दिन का परब होता है। पहले दिन बैल के सींग में तेल लगाते है। दूसरा दिन गोटगुडा करते है। और पशुओं को घास फूस खिलाकर मादर के ताल में रात भर ध्वनि करते हैं। और घर में गुड पीठा मांगशो पीठा का पकवान भी बनता है। जो पर्ब पूरा होने के बाद संदेश के रूप में सारे मेहमानों के घर पहुंचाते हैं.
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