
साइबर सिंडिकेट पर सरायकेला पुलिस का बड़ा प्रहार, ठगी के नेटवर्क से 40 युवाओं को सुरक्षित निकाला
रिर्पोटर : जगबंधु महतो
लाखों के कमीशन का झांसा देकर बनाया जा रहा था साइबर अपराध का मोहरा, एसपी की रणनीति से 40 युवक रेस्क्यू
आदित्यपुर : सरायकेला-खरसावां पुलिस ने साइबर अपराध और हवाला नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक संगठित गिरोह के चंगुल से 40 युवाओं को सुरक्षित बाहर निकालने में सफलता हासिल की है। पुलिस की इस कार्रवाई ने उन अपराधियों के नेटवर्क की परतें खोल दी हैं, जो सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को लालच देकर साइबर ठगी का हिस्सा बना रहे थे।
पुलिस के अनुसार, रेस्क्यू किए गए सभी युवक बिहार, पश्चिम बंगाल और आसपास के विभिन्न क्षेत्रों के रहने वाले हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि साइबर गिरोह फेसबुक और एक्स (पूर्व में ट्विटर) जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से युवाओं से संपर्क करता था। उन्हें बैंक खातों के बदले लाखों-करोड़ों रुपये के लेनदेन पर 6 से 10 प्रतिशत तक कमीशन देने का झांसा दिया जाता था। लालच में फंसने के बाद युवकों को आदित्यपुर थाना क्षेत्र के विभिन्न होटल और लॉज में ठहराया जाता था, जहां उन्हें तब तक रखा जाता था जब तक उनके खातों के माध्यम से साइबर ठगी और हवाला की रकम का लेन-देन पूरा नहीं हो जाता था। उनके भोजन और ठहरने का खर्च भी गिरोह ऑनलाइन माध्यम से वहन करता था।
मामले की गुप्त सूचना मिलने पर पुलिस अधीक्षक मनोज स्वर्गायारी के निर्देश पर विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने आदित्यपुर के कई होटलों और लॉज में एक साथ छापेमारी कर सभी 40 युवकों को सुरक्षित बरामद कर लिया।
एसपी मनोज स्वर्गायारी ने बताया कि इन युवाओं को अपराधी नहीं, बल्कि लालच और धोखे का शिकार मानते हुए उनके भविष्य को प्राथमिकता दी गई। उन्हें साइबर अपराध के खतरों से अवगत कराकर कड़ी चेतावनी के साथ उनके परिजनों को सौंप दिया गया है। उन्होंने कहा कि देशभर में सक्रिय इस डिजिटल साइबर नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती है। फिलहाल गिरोह के मुख्य सरगनाओं की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस ने युवाओं से अपील की है कि वे किसी भी तरह के ऑनलाइन कमीशन या आसान कमाई के लालच में न आएं और संदिग्ध गतिविधियों की तत्काल सूचना पुलिस को दें।
