
सरायकेला : खेतों मे चलाने वाले हल व पावर का बल…
• संदर्भ :: आधुनिक पावर पाइंट प्रबंधन के खिलाफ आर-पार के लड़ाई का किया ऐलान भू -दान करने वाले।

• खेतों में हल चलाने वाले लोग और बल रखने वाले कंपनी प्रबंधन की इस लड़ाई में आखिर जीत किसकी होती है ?

सरायकेला – खरसावां जिला के गम्हरिया प्रखंड अंतर्गत कांड्रा पदमपुर स्थित आधुनिक पावर प्लांट के विस्थापित जमीन दाताओं ने अब कंपनी के खिलाफ आर- पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है ।
मंगलवार को विस्थापित मजदूरों ने प्रखंड कार्यालय में एक दिवसीय धरना- प्रदर्शन करते हुए स्थाई नियोजन, मुआवजा, पुनर्वास, सीएसआर के तहत चिकित्सा सुविधा, स्थाई एवं ठेका मजदूरी में कुशल एवं अति कुशल विस्थापित युवाओं को योग्यता अनुसार नियोजन एवं मानदेय देने की मांग की है । साथ ही चेतावनी दिया है कि यदि 15 दिनों के भीतर उनकी मांगों पर विचार नहीं किया तो आगे उग्र आंदोलन किया जाएगा । विस्थापितों का कहना है कंपनी का नाका बंदी करेंगे । इनका कहना है कि, 25 परिवार हैं जिनका जमीन कंपनी ने अधिग्रहित किया है और पिछले 15 वर्षों से इन्हें ना तो म पुनर्वासित किया गया है और ना ही नियोजन किया गया है और ना ही इन्हें मुआवजा दी गई है । इसको लेकर पिछले दिनों भी जमीन दाताओं ने धरना- प्रदर्शन किया था । पर कंपनी प्रबंधन ने इसे अनसुना कर दिया । इस बार जमीन दाताओं ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दी है ।
मामला हक और पापी पेट का है । गरीबों का आन्दोलन को हमेशा पावर, पालिटिक्स और पैसों के बल पर खामोश कर दिया जाता देखा गया ।
अब देखना है कि, समाज के वैसे लोग जिनके खेतों में हल चलाते छाले पड़ता देखा गया और हर प्रकार का बल रखने वाले कंपनी प्रबंधन की इस लड़ाई में जीत आखिर किसकी होगी ?
