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दुमका : दहेज लोभी पति ने प्रेग्नेंट पत्नी के पेट में मारी लात, बच्चे की हुई मौत, केस दर्ज।

मौसम गुप्ता… ✍️

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दुमका : पति पत्नी के बीच नोक झोंक और तकरार को अक्सर सामान्य मान लिया जाता है। कभी यह मामूली बहस तक सीमित रहती है, तो कभी मामला मारपीट तक पहुंच जाता है। लेकिन दुमका से सामने आई यह घटना सामान्यता की सीमाओं को तोड़ते हुए इंसानियत को ही कठघरे में खड़ा कर देती है।

 ∆ मां की कोख भी नहीं रही सुरक्षित !

मां का गर्भ वह स्थान माना जाता है जहां एक नई जिंदगी सबसे सुरक्षित होती है और धीरे धीरे आकार लेती है। लेकिन इस मामले में वही कोख असुरक्षित हो गई। आरोप है कि पति की बेरहमी ने उस सुरक्षित ठिकाने को भी छीन लिया और एक मासूम ने दुनिया देखने से पहले ही दम तोड़ दिया।

∆ शादी के बाद से ही शुरू हुआ प्रताड़ना का दौर !

सरैयाहाट थाना क्षेत्र के मटिहानी गांव की रहने वाली बुलबुल कुमारी की शादी वर्ष 2023 में गोड्डा जिला के पोड़ैयाहाट थाना क्षेत्र के डांडे निवासी सनोज कुमार दास के साथ हुई थी। पीड़िता के अनुसार, शादी के कुछ ही महीनों बाद से वह घरेलू हिंसा की शिकार होने लगी। दहेज की मांग को लेकर पति और ससुराल पक्ष द्वारा उसे लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता रहा।

∆ शिकायत, समझौता और फिर वही प्रताड़ना !

मामला पहले पोड़ैयाहाट थाना और फिर दुमका के महिला थाना तक पहुंचा। इस दौरान समझौता भी हुआ और पति से बॉन्ड भरवाया गया, लेकिन इसके बावजूद प्रताड़ना का सिलसिला थमा नहीं और हालात बद से बदतर होते गए।

∆ तीन अप्रैल की घटना और त्रासदी में बदला विवाद !

पीड़िता द्वारा महिला थाना में दिए गए आवेदन के अनुसार, 3 अप्रैल 2026 को पति ने उसके साथ बेरहमी से मारपीट की और उसे रात भर कमरे में बंद रखा। अगले दिन उसने अपने पिता को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलने पर पिता पहुंचे और उसे ससुराल से निकालकर इलाज के लिए फूलो झानो मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले गए।

अस्पताल में हुई कोख में पल रहे बच्चे का मौत की पुष्टि !

अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद गर्भ में पल रहे करीब तीन महीने के शिशु की मौत की पुष्टि की। पीड़िता का आरोप है कि पति द्वारा की गई पिटाई के कारण ही उसका गर्भपात हुआ। इस घटना के साथ ही एक अजन्मी जिंदगी हमेशा के लिए खत्म हो गई।

∆ बी. एन. एस. के इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला –

पीड़िता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 85, 115(2), 125(2), 351(2) तथा दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3/4 के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।

∆ पुलिस जांच प्रक्रिया पूरी कर आरोपी पति को भेजा जेल ।

मामले को लेकर जब महिला थाना प्रभारी ने मिडिया को बताया कि, प्राथमिक अनुसंधान के मुताबिक जो साक्ष्य मिला उसे देखकर आरोपी पति को जेल भेजा गया है।

∆ समाज से उठते गंभीर सवाल !

यह घटना केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि पूरे समाज के सामने खड़ा एक कड़वा सच है। क्या घरेलू विवाद इतनी भयावह रूप ले सकता है? क्या एक महिला और उसकी कोख में पल रही जिंदगी आज भी सुरक्षित नहीं है?

और सबसे बड़ा सवाल कोख में पल रहे बच्चे की मौत का जिम्मेदार आखिर कौन है ? समाज, प्रथा या हैवानियत ? 

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