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चेंबर ऑफ कॉमर्स ने बाबूलाल मरांडी को ज्ञापन सौंपकर

झारखंड राज्य कृषि उपज एवं पशुधन विपणन विधेयक 2022

को निरस्त करने की अनुशंसा करने की मांग की…

सरायकेला। सरायकेला खरसावां जिला चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष प्रदीप कुमार चौधरी द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री सह नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी को ज्ञापन सौंप कर झारखंड राज्य कृषि उपज एवं पशुधन विपणन विधेयक 2022 निरस्त करने की अनुशंसा करने की मांग की गई हैं।

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उन्होंने ज्ञापन में कहा है कि झारखंड सरकार द्वारा विधानसभा में पारित किए गए विधेयक झारखंड राज्य कृषि उपज एवं पशुधन विपणन 2022 में वर्णित विधेयक पर गंभीरता पूर्वक विचार एवं मंथन किया जाए। तथा राज्य के कृषि उत्पाद से संबंधित व्यवसाय एवं कृषि उपज से संबंधित उद्योगों के हितों की रक्षा के लिए इस विधेयक को निरस्त करने की अनुसूची अनुशंसा किया जाए।

झारखंड राज्य के आसपास के राज्य उड़ीसा, बिहार, पश्चिम बंगाल एवं छत्तीसगढ़ में ऐसी कोई भी प्रणाली प्रभाव में नहीं है। और झारखंड राज्य में अलग से 2% बाजार शुल्क लगाने पर व्यवसायियों का रोजगार चौपट हो जाएगा। साथ ही राज्य के राजस्व में वृद्धि तो नहीं होगी परंतु बेरोजगारी, भुखमरी और भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलेगा। जिसके कारण महंगाई भी बढ़ जाएगी।

पूर्व में भी राज्य सरकार द्वारा 2015 में इसे अनुपयोगी मानते हुए कर प्रणाली और बाजार समिति को भंग कर दिया गया था। मौके पर चेंबर ऑफ कॉमर्स के जिला महासचिव मनोज कुमार चौधरी एवं उपाध्यक्ष प्रेम अग्रवाल सहित अन्य उपस्थित रहे।