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टाटा स्टील की जिम्मेदारी तय हो — बागबेड़ा, कीताडीह, घाघीडीह, करनडीह समेत 20 पंचायतों के लिए संजीव सरदार ने विधानसभा में उठाई मांग

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संवाददाता : अभिजीत सेन

राँची । पोटका विधायक संजीव सरदार ने पोटका विधानसभा के लगभग एक लाख से अधिक लोगों से सीधे जुड़ी अत्यंत महत्वपूर्ण समस्या को सोमवार को झारखंड विधानसभा के शून्यकाल में मजबूती के साथ उठाया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि टाटा स्टील की परिधि में आने के बावजूद पोटका क्षेत्र की 20 पंचायत आज भी पेयजल, बिजली और सफाई जैसी बुनियादी नागरिक सुविधाओं से वंचित हैं, जबकि इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में टाटा समूह के स्थायी, अस्थायी एवं ठेका मजदूर वर्षों से निवास करते आ रहे हैं।विधायक संजीव सरदार ने सदन को बताया कि बागबेड़ा, कीताडीह, घाघीडीह, करनडीह, पुड़ीहासा, केरुवाडूंगरी और ब्यांगबिल सहित कुल 20 पंचायतों के ग्रामीण टाटा स्टील के 3 से 5 किमी की परिधि में आते हैं, लेकिन इसके बाद भी टाटा स्टील द्वारा यहाँ किसी प्रकार की स्थायी नागरिक सुविधा उपलब्ध नहीं कराई जाती।
विधायक संजीव सरदार ने कहा—
“इन क्षेत्रों में रहने वाले अधिकांश लोग स्वयं टाटा समूह के मजदूर हैं। वे कंपनी को अपना खून-पसीना देते हैं, परंतु उसी कंपनी की परिधि के अंदर रहते हुए भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित रहना न्यायोचित नहीं है। इन पंचायतों में पेयजल, सफाई, बिजली एवं अन्य नागरिक सुविधाएँ टाटा स्टील के CSR से स्थायी रूप से उपलब्ध कराई जानी चाहिए।”
उन्होंने विधानसभा के माध्यम से राज्य सरकार से मांग की कि टाटा स्टील को इन सभी पंचायतों में CSR के तहत nagrik सुविधाएं मुहैया करने के लिए निर्देशित किया जाए, ताकि पोटका के लगभग 1 लाख परिवारों को मूलभूत नागरिक सुविधाएँ मिल सकें और उनका जीवनस्तर सुदृढ़ हो सके।

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